उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गाजीपुर साहित्य महोत्सव को किया संबोधित
जम्मू, 8 नवंबर (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज गाजीपुर साहित्य महोत्सव में मुख्य भाषण दिया।
भारत डायलॉग्स द्वारा आयोजित इस महोत्सव में मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका, सूरीनाम, फिजी, नॉर्वे और कई अन्य देशों के प्रवासी भारतीयों के लेखक, विद्वान, कलाकार और नीति निर्माता साझा विरासत, विचारों और पहचान का जश्न मनाने के लिए एक साथ आए। भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रोफेसर अनिल सूकलाल और राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत इस कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथियों में शामिल थीं।
अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने मानवता के सर्वांगीण विकास और वैश्विक विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान पर बात की।
उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी, समर्पण और प्राचीन मूल्यों के पालन से प्रवासी भारतीयों ने वैश्विक पहचान हासिल की है और संबंधों को मजबूत करने में भी मदद की है।
उपराज्यपाल ने लेखकों और विचारकों से समाज, दृष्टिकोण और विचारों के बीच एक सेतु का काम करने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लेखक और विचारक समाज को प्रभावित करने में अद्वितीय भूमिका निभाते हैं और समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों को बढ़ावा देकर सामाजिक प्रगति और एकता को मज़बूत करने की उनकी बड़ी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपनी रचनात्मक शक्ति का उपयोग सामाजिक परिवर्तन लाने और दुनिया को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए भी करना चाहिए।
उपराज्यपाल सिंहा ने कहा कि साहित्य, नए विचार और दृष्टिकोण समाज को शक्ति प्रदान करते हैं। अच्छे साहित्य और नए विचारों के बिना एक समाज भौतिक रूप से तो अस्तित्व में रह सकता है लेकिन उसके पास राष्ट्र के तीव्र विकास और परिवर्तन के लिए बौद्धिक और सांस्कृतिक उपकरणों का अभाव होगा। उपराज्यपाल ने कहा कि साहित्य, ज्ञान और आलोचनात्मक सोच यह सुनिश्चित करती है कि समाज स्थिर न रहे बल्कि एक बहती नदी की तरह बना रहे।
उपराज्यपाल ने लेखकों, विचारकों और नागरिकों से भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 10 संकल्पों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमें ज्ञान और सटीक इतिहास के संरक्षण, समाज में नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार, सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने, विविध दृष्टिकोणों के बीच सेतु निर्माण, आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने, विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रगति को प्रेरित करने, एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मज़बूत करने, लोगों में साझी विरासत के प्रति गौरव की भावना जगाने, युवाओं को नए विचारों से सशक्त बनाने, नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने, भावनात्मक एकता, सुशासन और जन-भागीदारी को बढ़ावा देने पर काम करना चाहिए।
उपराज्यपाल ने संजीव कुमार गुप्ता द्वारा लिखित भोजपुरी कहानियों की दुनिया नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।