मुख्य सचिव ने उधमपुर में प्रमुख विकासात्मक पहलों और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की
उधमपुर, 8 नवंबर (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने आज विभिन्न क्षेत्रों में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं और प्रमुख सरकारी पहलों की प्रगति का आकलन करने के लिए उधमपुर जिले का व्यापक दौरा किया। बैठक में जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार, उधमपुर की उपायुक्त सलोनी राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आमोद अशोक नागपुरे के अलावा विभिन्न विभागों के अन्य संभागीय और जिला अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर उन्होंने जिला प्रशासन को डुडु-बसंतगढ़ क्षेत्र में सड़क संपर्क को उन्नत करने और मोबाइल टावर लगाने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए ताकि सुगम्यता और संचार अवसंरचना में सुधार हो सके। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सभी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत आएँ। उन्होंने प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय, पारदर्शिता और कार्यान्वयन में समर्पण का आह्वान किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अधिकारियों को प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सीईओ को सभी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सभी शिक्षकों को अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इस प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी प्रगति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीसी को कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभागवार समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के पूंजीकरण, मिशन युवा के माध्यम से युवाओं की भागीदारी और स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर ज़ोर दिया।
एसई पीडब्ल्यूडी को चल रहे कार्यों में तेजी लाने और लक्ष्यों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया, जबकि यूईईडी को देविका नदी को उसके मूल स्वरूप में पुनर्जीवित करने के उपाय तलाशने के लिए कहा गया।
जीएमसी उधमपुर की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रशासन को गहन देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी में विशेषज्ञता शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने भविष्य में प्रवेश क्षमता बढ़ाने और पीजी कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने की सलाह दी।
मुख्य सचिव ने बैंकरों को वित्तीय समावेशन और सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, ऋण स्वीकृति के मामलों की संख्या बढ़ाने और मिशन युवा के तहत प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।