सक़ीना इत्तू ने श्रीनगर जिले की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की
श्रीनगर 18 सितंबर। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण और शिक्षा मंत्री सक़ीना इत्तू ने श्रीनगर जिले की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और जिले भर में चल रही विकास परियोजनाओं तथा कल्याणकारी पहलों की व्यापक समीक्षा की।
बैठक में विधायक अली मोहम्मद सागर, मुबारक गुल, शमीम फिरदौस, सलमान अली सागर, तनवीर सदिक, मुश्ताक अहमद गुरु और शेख अहसान परदेसी, उपायुक्त श्रीनगर अक्षय लाबरू, आयुक्त एसएमसी, निदेशक स्किमस, विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं निदेशक और जिले के प्रशासनिक व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान मंत्री ने प्रत्येक विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा की और मिशन युवा, एचएडीपी, पीएम सूर्य घर, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम आदि जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने जिला कैपेक्स, सांसद निधि, विधायक निधि, एसएएससीआई, अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के तहत चल रही परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का भी मूल्यांकन किया।
स्वास्थ्य ढांचे, ग्रामीण विकास, सड़क संपर्क, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए और कहा कि जन शिकायतों का समाधान परिणामोन्मुख .ष्टिकोण से किया जाए।
उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और आपातकालीन देखभाल सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्री ने निर्देश दिया कि जिला प्रशासन एक योजना तैयार करे जिसके तहत श्रीनगर शहर के सभी बड़े अस्पतालों, जैसे स्किमस, एसएमएचएस, बोन एंड जॉइंट, लाल देद आदि से जुड़े मार्गों का उन्नयन हो, साथ ही यातायात पुलिस के परामर्श से जाम कम करने के लिए भी ठोस योजना बनाई जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी नई योजना या परियोजना को शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विधायकों से विचार-विमर्श किया जाए, क्योंकि जनप्रतिनिधि किसी भी विकसित समाज की आधारशिला होते हैं।
मिशन युवा और अन्य योजनाओं के संबंध में प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि किसी भी योजना के अधीन लंबित मामलों का समय पर निपटारा होना चाहिए और जिन आवेदनों में कोई कमी रह गई हो, उनकी जानकारी तुरंत आवेदकों को दी जाए ताकि वे उसका समाधान कर सकें और योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने जिला प्रशासन से कहा कि स्थानीय विधायकों के साथ मिलकर विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं ताकि अधिकतम लोग इन योजनाओं से अवगत हो सकें।
श्रीनगर में शहरी सेवाओं जैसे स्वच्छता, जल निकासी प्रबंधन और सतत शहरी नियोजन को बेहतर बनाने पर चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को जनता-हितैषी प्रशासन मॉडल अपनाने और नागरिकों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि आवश्यक विकासात्मक कमी की पहचान समय पर हो सके।
मंत्री ने कहा, “श्रीनगर जम्मू-कश्मीर का दिल है और इसका विकास जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास को प्रतिबिंबित करता है।” उन्होंने अधिकारियों से पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया ताकि श्रीनगर देश का सबसे स्वच्छ और उज्ज्वल शहर बन सके।
इसके अतिरिक्त मंत्री ने कहा कि श्रीनगर शहर का विकास पूरे जम्मू-कश्मीर की छवि को देशभर में और बेहतर बनाता है।
श्रीनगर नगर निगम के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने आयुक्त को समय पर परियोजनाएं पूरी करने और नई परियोजनाएं उस समय लेने के निर्देश दिए, जब तक कि वर्तमान परियोजनाएं पूरी न हो जाएं