जम्मू और राजौरी में उफनती नदियों में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित बचाया गया**
**जम्मू, 19 जुलाई:** जम्मू और राजौरी जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में उफनती नदियों में फंसे कम से कम **14 लोगों** को रविवार को पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सेना और नागरिक प्रशासन के संयुक्त अभियान के तहत सुरक्षित बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार जम्मू में कई घंटे तक चले त्वरित और समन्वित बचाव अभियान के दौरान पुलिस और एसडीआरएफ ने **पीर खो मंदिर** के निकट तवी नदी में जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण फंसे **तीन युवकों** को सुरक्षित बाहर निकाला।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण बीच धारा में फंस गए हैं।
बचाए गए युवकों की पहचान **रनदीप सिंह**, **मुनीश शर्मा** (दोनों जम्मू शहर निवासी) तथा उनके मित्र **विकास कुमार** (बिहार निवासी) के रूप में हुई है। सभी को सुरक्षित निकालकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अगले चार दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए वे विशेष रूप से तवी नदी के किनारों से दूर रहें और जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान नदी के आसपास जाने से बचें।
एक अन्य बचाव अभियान में सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने राजौरी जिले के **धंगरी नदी** में फंसे **दो युवकों** तथा **थन्नामंडी क्षेत्र** में फंसे **नौ अन्य लोगों** को सुरक्षित बाहर निकाला।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान की निगरानी **उपायुक्त राजौरी अभिषेक शर्मा**, **वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजौरी गौरव सिकारवार** तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। संयुक्त प्रयासों से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
सेना की **व्हाइट नाइट कोर** ने सोशल मीडिया मंच **एक्स** पर बताया कि रविवार तड़के राजौरी शहर में अचानक आई बाढ़ के बाद सेना के जवानों ने एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर कई जीवनरक्षक बचाव अभियान चलाए।
व्हाइट नाइट कोर ने कहा, **”बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और तेज बहाव के बावजूद जवानों ने कुल 11 नागरिकों, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बचाया। इनमें थन्नामंडी के दक्षिण में चूरुंग गांव के पास बाढ़ग्रस्त नाले में फंसे नौ लोग तथा धंगरी के निकट नौशेरा तवी नदी के बीच बने टापू पर फंसे दो युवक शामिल थे। जवानों की त्वरित कार्रवाई, साहस और बेहतर समन्वय के कारण सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।”**