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सही समय: महिलाआरक्षण से बदलेगी भारतीय लोकतंत्र की तस्वीर

सुश्री शोभा करंदलाजे एक राज्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ लेते समय, मैंने उस खचाखच भरे कमरे में चारों ओर नजरें घुमायीं और गिनती की। वहां मौजूद महिलाओं की संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती थी।इस दृश्य ने केवल एक…

**तिरंगे का सम्मान करें**

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सूझबूझ और उद्घाटन के दौरान केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियों वाली रिबन को न काटने का उनका सम्मानजनक निर्णय यह दर्शाता है कि केंद्र शासित प्रदेश का नेतृत्व एक सच्चे राष्ट्रवादी के…

होर्मुज से कांडला तक संकट के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति

डॉ. मयंक चतुर्वेदी यह हम सभी देख रहे हैं कि आज अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा प्रभाव डाला है। ऐसे संवेदनशील समय में भारतीय ध्वज वाला एलपीजी जहाज ‘जग विक्रम’ एवं अन्य जहाजों…

रील, व्लॉग और बकवास

डॉ. प्रियंका सौरभ आज के समय में अगर कोई सबसे तेजी से फैलने वाली चीज है तो वह है—'बकवास'। फर्क बस इतना है कि अब यह बकवास चाय की दुकानों या चौपालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्मार्टफोन की स्क्रीन पर सजकर 'रील' और 'व्लॉग' के नाम से पूरे समाज…

डिजिटल सतर्कता

भारत आज डिजिटल परिवर्तन के एक उल्लेखनीय दौर में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन के तेजी से विस्तार ने शासन, व्यापार, शिक्षा और दैनिक जीवन को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे लाखों लोगों को अभूतपूर्व सुविधा…

भीड़ का इंसाफ़, इंसाफ़ नहीं होता

रामबन ज़िले से सामने आई घटना, जिसमें कथित तौर पर कुछ 'गौ-रक्षकों' द्वारा हमला किए जाने के बाद एक व्यक्ति लापता हो गया है और माना जा रहा है कि वह किसी नाले में गिर गया है, की गहन जाँच होनी चाहिए और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कानूनी…

डॉ. आम्बेडकर के विचारों को समझने की जरूरत

डॉक्टर लोकेश चंदेल देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डॉ. भीमराव आम्बेडकर को आधुनिक भारत का निर्माता और सामाजिक सुधारों का अग्रदूत कहा था। डॉ. आम्बेडकर ने कानून मंत्री के पद से महिलाओं को समान अधिकार दिलाने…

डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

-डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे भारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज के सामने सीमित रूप में प्रस्तुत होती है, जबकि उनका वास्तविक योगदान उससे कहीं अधिक व्यापक और बहुआयामी होता है। डॉ.…

नशे के खिलाफ युद्ध

जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या पर रोक लगाना है। इसके तहत नशे की तस्करी पर सख्त…

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्र भारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता के बीच आज हमारे सामने दो वास्तविकताएँ खड़ी हैं। पहली, भारत के ग्यारह करोड़ से अधिक घुमन्तु, अर्धघुमन्तु और…