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समुद्र की गहराइयों में भारत की शक्ति
-डॉ. सत्यवान सौरभ
आधुनिक युग में युद्ध की प्रकृति ने पारंपरिक सीमाओं को पूरी तरह पार कर लिया है। अब यह केवल टैंकों, विमानों या सैनिकों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि एक बहुआयामी, जटिल और तकनीक-प्रधान प्रक्रिया बन चुका है, जिसमें…
सही दिशा में सही कदम
शोपियां पुलिस द्वारा नशे के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने और सप्लायर्स पर शिकंजा कसने के लिए उठाए गए कदम, जैसे कि चिन्हित हॉटस्पॉट्स में नारकोटिक-विशेष कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (caso) चलाना और ड्रग मूवमेंट पर नजर रखने के लिए…
पंचायत से संसद तक: नारी नेतृत्व, डिजिटल सुशासन और विकसित भारत का संकल्प
प्रो. एस. पी. सिंह बघेल
जब कोई राष्ट्र अपनी जड़ों को सींचता है, तो उसकी शाखाएं आसमान छूती हैं। भारत की वे जड़ें
उसकी पंचायतें हैं और उन पंचायतों की आत्मा आज उसकी महिलाएं हैं। 24 अप्रैल 1993 को 73वें
संविधान संशोधन के माध्यम से…
तीर्थस्थलों का ऑडिट नियमित करें
जैसा कि अधिकारियों ने बार-बार दावा किया है कि जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद अपने अंतिम चरण में है, ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि वे इस केंद्र शासित प्रदेश की धरती से हिंसा के इस दुष्चक्र को समाप्त करने के लिए…
कचरा प्रबंधन और भारत के प्रयास
कुलभूषण उपमन्यु
विश्व की पर्यावरणीय व्यवस्था में विभिन्न प्रकार के कचरे के कारण बड़ी समस्याएं पैदा होती जा रही हैं। न केवल मनुष्य समाज बल्कि समस्त जीव-जगत और वनस्पतियां भी कचरा जनित प्रदूषण का दंश झेलने को अभीशप्त हैं। हवा, पानी…
सत्ता में महिलाओं की भागीदारी, आठ देश सबसे आगे
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
संसद में महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण का विधेयक गिरने के साथ ही देश में सत्ता में महिलाओं की भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जहां एक और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश के माध्यम से महिलाओं…
त्वरित टिप्पणी: संसद में महिला अधिकार छीनकर खुश होले कांग्रेस !
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में हुई हालिया वोटिंग ने भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण विरोधाभास को उजागर किया है। ये दर्शाता है कि कांग्रेस, सपा एवं अन्य विपक्षी दल भले ही संसद एवं जनता के बीच महिला सशक्तिकरण की बात…
भगवान् परशुरामः अन्याय,अत्याचार एवं दमनकारी वृत्तियों के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक
-डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा
त्रैता युग में जब परात्पर ब्रह्म के श्रीराम रुप में अवतरित होने पर संपूर्ण सृष्टि अलौकिक आनन्द वैभव से ओतप्रोत थी, और सब तरफ सात्विक भावों की प्रधानता थी, किंतु तब ऐसे ऊर्जा वान स्वर्णिम समय में भी मदोन्मत्त…
छिलके के पीछे छिपा ज़हर
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही, बाज़ारों में कृत्रिम रूप से पकाए गए फलों—खासकर आम, पपीते और केले—के भर जाने का खतरा बढ़ जाता है। फल बेचने वालों की इस गलत हरकत पर रोक लगाने के लिए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने…
बंद सब-वे उठाता सवाल
जम्मू में बहुत कम लोग जानते हैं कि शहर में एक पैदल यात्री सबवे क्रॉसिंग भी है, जिसे कभी काफी प्रचार के साथ बनाया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है। यह अंडरपास बिक्रम चौक के पास कला केंद्र के पास स्थित है, जहां से गुजरने…