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जम्मू में ट्रैफिक की समस्या और गहरी

यह एक आम कहावत है कि लोगों को पुराने समय से सीखना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि जम्मू में बैठे लोग इस बात पर यकीन नहीं करते, क्योंकि उन्हें जम्मू शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नल के भविष्य की कोई परवाह नहीं है। जम्मू की जो पीढ़ी आज भी…

टीचरों को मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए

रामबन के CEO ने एक सरकारी स्कूल के टीचर को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और कम्युनिटी को टारगेट करने वाला कंटेंट अपलोड करने के आरोप में सस्पेंड करने का जो ऑर्डर दिया है, उससे एक बार फिर यह साफ हो गया है कि टीचरों को समाज के लिए रोल मॉडल बनना…

सामाजिक सुरक्षा की ओर कदम: श्रम संहिताएँ और डिजिटल ढाँचा

जी. मधुमितादास सामाजिक सुरक्षा प्रणालियाँ गरीबी कम करने, मजबूती बढ़ाने और न्यायसंगत विकास को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रत्येक निवासी को, उसकी आय, रोजगार की स्थिति या जनसांख्यिकीय…

बेवजह की रुकावट टालना

यह दुख की बात है कि ऑल J&K ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन 15 दिसंबर को एक दिन की हड़ताल पर जाने का बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है, क्योंकि सरकार J&K केंद्र शासित प्रदेश में ट्रांसपोर्ट कम्युनिटी की लंबे समय से चली आ रही और ज़रूरी…

विकसित भारत का मूल मंत्र बनेगा “वंदे मातरम”

मृत्युंजय दीक्षित जिससे स्वतंत्रता का मूल मंत्र, “वंदे मातरम” उद्भासित हुआ, जिसे गाते हुए हज़ारों की संख्या क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए, जीवन जेलों की क्रूर यातनाओं में काट दिया, जिस गीत ने माँ भारती के प्रति प्रेम और…

बच्चों के भविष्य की रोशनी जगाता यूनिसेफ

- योगेश कुमार गोयल संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान तबाह हुए देशों के बच्चों और माताओं को आपातकालीन स्थिति में भोजन तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 दिसम्बर 1946 को न्यूयार्क में…

ड्रग के खिलाफ़ उपायों को मज़बूत करना

यह काफ़ी तारीफ़ के काबिल है कि J&K में पुलिस ड्रग के खतरे को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। बॉर्डर पार से नारकोटिक्स लाने और उन्हें युवाओं समेत समाज के कमज़ोर तबके को बेचने और इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के इस बुरे चक्कर…

लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के हों सकारात्मक प्रयास

रमेश सर्राफ धमोरा हम 10 दिसंबर को मानवाधिकारों का उत्सव मनाते हैं। उस दिन की स्मृति में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। यह घोषणा हमारे समाजों के मानवाधिकार ढांचे की रीढ़ है,…

वंदे मातरम् : भारतीय चेतना को ऊर्जा से भर देनेवाला अमर गीत

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत जैसे उत्कट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राष्ट्र में यदि किसी शब्द ने सबसे अधिक ऊर्जा, सबसे अधिक प्रेरणा और सबसे अधिक एकता का संचार किया है, तो वह है “वंदे मातरम्‌।” किंतु विडंबना यह है कि इसी भूमि पर जन्मे…

J&K के किसानों को रास्ता दिखाएं

इसमें कोई शक नहीं है कि मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों के अनदेखे फील्ड में विस्तार करने और किसान समुदाय को बड़े और पहले कभी नहीं देखे गए तरीके से आगे बढ़ने में मदद करने की बहुत गुंजाइश है, ताकि वे खुशहाल बन सकें और साथ ही J&K में इंडस्ट्री…