Browsing Category

Featured

Featured posts

चुनाव सुधार

स्वपनदासगुप्ता पचास साल से भीअधिकसमयपहले, भारतीय राजनीतिकेएकप्रतिष्ठितब्रिटिशविद्वाननेव्यंग्यपूर्वकटिप्पणीकीथीकिचुनावउनचीज़ोंमेंसेएकहैं"जिन्हेंभारतीयबहुतअच्छेसे…

पुलिस को मारपीट का कोई अधिकार नहीं है

इन दिनों एक खतरनाक चलन चलन में है जिसके तहत पुलिस अलग-अलग मामलों में लोगों की पिटाई करती है। एक तरफ, पुलिस विभाग में सुधार हो रहे हैं और इसके आधुनिकीकरण और प्रभावकारिता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, दूसरी तरफ, गुस्से में या अन्य कारणों…

ढलान पर दोस्ती, संजोने की जरूरत है !

गिरीश्वर मिश्र समकालीन ज़िन्दगी में निरंतर बढ़ती वैयक्तिकता के दौर में अतिव्यस्त होता हुआ आज आदमी अपने ही अंदर सिकुड़ता चला जा रहा है। रिश्तों की उपेक्षा और उनका हाशियाकरण जिस तेजी से हो रहा है वह उस समाज के ताने-बाने को झटका देने वाला…

2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 विश्व-ओलंपिक : अवसर, जोखिम और भविष्य

डॉ सत्यवान सौरभ सन 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सन 2036 के विश्व-ओलंपिक प्रस्ताव का निर्णायक “अग्रदूत” हैं। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक-शक्ति (सॉफ्ट पावर) को नई ऊँचाई दे सकता है, परन्तु किसी भी…

नारी शक्ति से विकास: महिलाओं के नेतृत्व वाली प्रगति पर फोकस करने की ज़रुरत

लक्ष्मी पुरी लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण हमारे उज्जवल आज और बदलते कल के लिए बेहद ज़रुरी आधार है। तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ते इस वक्त मेंहम लैंगिक समानता हासिल करने के लिए एक और शताब्दी तक इंतज़ार नहीं कर सकते। नारी शक्ति और भारत की…

फेक न्यूज़ पर काबू पाने में सरकार के सामने चुनौतियाँ

लोकसभा में उठाया गया फेक न्यूज़ का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार इस समस्या से निपटने में संघर्ष करती दिखाई दे रही है। कई बार मंत्री, सांसद और ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी इस जाल में फँस जाते हैं और अनजाने में सोशल मीडिया पर…

ओटीटी की अनियंत्रित अश्लीलता : साहित्य परिषद् और न्यायपालिका की साझा चिंता

-डॉ. प्रवीण दाताराम गुगनानी नवम्बर माह में देश के सांस्कृतिक परिदृश्य में दो ऐसी घटनाएँ सामने आईं, जिन्होंने भारतीय समाज के नैतिक स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरचना और युवा पीढ़ी के मानसिक भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक…

भारत की आर्थिक रफ्तार में स्टार्टअप क्रांति ने लिख दी विकास की नई गाथा

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत 2025 के इस मोड़ पर एक ऐसे आर्थिक दौर से गुजर रहा है, जिसकी गति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं मानी जा सकती है, वह उसके सामाजिक ढांचे और नवाचार संस्कृति में स्‍पष्‍ट दिखाई दे रही है। वैश्विक स्तर पर…

अब स्वदेशी ध्वज के साथ मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस

"शं नो वरुणः" का तात्पर्य है, 'जल के देवता वरुण हमारे लिए मंगलकारी रहें।' यह भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य है, जो 'तैत्तिरीय उपनिषद्' से लिया गया है। वरुण देव को जल का देवता माना जाता है। बांग्लादेश लिबरेशन वॉर (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम)…

चिंता की बात

यह सच में बहुत चिंता की बात है कि कुछ मेडिकल दुकानें बिना प्रिस्क्रिप्शन के लोगों को शेड्यूल H1 दवाएं बेच रही हैं। इस चलन पर संबंधित लोगों को सख्ती से रोक लगाने की ज़रूरत है क्योंकि यह एक खुला राज़ है कि आजकल के युवा नशे के लिए कुछ दवाएं…