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**पर्यावरणीय कानून खतरे में**
जम्मू-कश्मीर में बिना वैध अनुमति के मैरिज हॉल/बैंक्वेट हॉल का अनियंत्रित संचालन एक गंभीर पर्यावरणीय और नियामकीय चिंता बनकर उभरा है। बिना वैध सहमति (कंसेंट) के किसी भी उद्योग या बैंक्वेट हॉल का संचालन केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि…
किसानों के सबसे प्रिय रहे चौधरी चरण सिंह
डॉ.लोकेश कुमार
“सच्चा भारत गांवों में बसता है“ और एक राष्ट्र तभी समृद्ध हो सकता है जब उसका ग्रामीण क्षेत्र उन्नत हो। यह विचार हमारे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के थे। चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसंबर को मनाई जाती है। उनका जन्म…
फिजाओं में घुला जहर
मुकुंद
इस साल 13 दिसंबर को दिल्ली ही नहीं, उसके आसपास के शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गए। यह तारीख साल के सबसे प्रदूषित दिनों के कैलेंडर में दर्ज हो गई। नोएडा में तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 455 तक पहुंच गया। नोएडा ही नहीं ग्रेटर…
ग्रामीण दुविधा
भारत में ग्रामीण विकास का परिदृश्य विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे VB-G RAM G बिल, 2025 के नाम से जाना जाता है, की शुरुआत के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है। समर्थक इसे लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए…
बदलती व्यापक अर्थव्यवस्था में ग्रामीण रोजगार पर पुनर्विचार
प्रोफेसर ज्योतिष सत्यापालन, एनआईआरडीपीआर
भारत की ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को ऐसे समय में स्वरुप दिया गया था, जब ग्रामीण अर्थव्यवस्थाएं गंभीर आर्थिक संकट, सीमित गैर-कृषि अवसरों और कमजोर बुनियादी ढांचे से जूझ रहीं थीं। दो दशक बाद,…
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी : ऐसो को उदार हिन्दी जग माहीं..
हिन्दी के अप्रतिम पुरोधा की 87वीं पुण्यतिथि (21 दिसंबर) पर विशेष
-गौरव अवस्थी
बोलियों में बंटी हिंदी भाषा को परिमार्जित करके भारतेन्दु हरिश्चंद्र द्वारा प्रारंभ किए आधुनिक खड़ी बोली हिंदी आंदोलन को सफलता के शिखर पर स्थापित करने में…
टैरिफ के दबाव में भी मजबूत होता भारतीय निर्यात
प्रहलाद सबनानी
27 अगस्त 2025 को अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले विभिन्न उत्पादों पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया गया। इसमें 25 प्रतिशत जवाबी टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त सेकेंडरी टैरिफ शामिल था, जो…
जन स्वास्थ्य पर चुपचाप हमला
खाने में मिलावट की लगातार समस्या जन स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के भरोसे पर एक काला साया बनी हुई है, खासकर जम्मू और कश्मीर में। रेगुलेटरी बॉडी होने और कड़ी निगरानी के बार-बार आश्वासन के बावजूद, बाज़ार असुरक्षित और घटिया खाने के सामान के…
तुलसी गौड़ा: मौन की महत्ता और जंगल की आत्मा
- डॉ. प्रियंका सौरभ
आज जिस दुनिया में हर उपलब्धि को फ़्लैश लाइट, कैमरा और सोशल मीडिया की चमक से मापा जाता है, वहाँ एक वास्तविक नायक का जन्म होना और जीवनभर जीना- यह किसी लोककथा से कम नहीं है। तुलसी गौड़ा- वह नाम जिसे धरती ने…
देरी से शादियाँ और तलाक के बढ़ते मामले
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
आधुनिकीकरण की आड़ में हिंदुओं ने पश्चिमी संस्कृति को अपना लिया है, जिससे उनकी अपनी संस्कृति कमज़ोर हो गई है। इसके परिणाम विनाशकारी हैं और अगर हिंदू अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर वापस नहीं लौटते हैं तो तीन से…