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दुनिया भर के लिए बड़ी चुनौती बना पर्यावरण संकट
कुलभूषण उपमन्यु
पिछली डेढ़ शताब्दी, जब से औद्योगिक क्रांति ने विकास की गति तेज की और प्रकृति को जीतने की होड़ मच गई, मशीनों ने बंधक-निर्माण-शक्ति मानव के हाथ में दे दी तब से विकास की परिभाषा भी धीरे-धीरे बदल गई। गुणात्मक जीवन के बजाय…
गुरू गोबिंद सिंह जीः त्याग और बलिदान के सच्चे प्रतीक
योगेश कुमार गोयल
सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व इस वर्ष 27 दिसंबर को मनाया जा रहा है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 1667 ई. में पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को 1723 विक्रम संवत् को पटना…
बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर संकट
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
साल 1947 में भारत के बंटवारे के बाद बने पाकिस्तान में आगे और बंटवारे की संभावना दिख रही थी।कई जानकारों ने इसे एक भौगोलिक गड़बड़ी, मीलों दूर दो अलग-अलग इलाकों का एक ढीला-ढाला मेल बताया था। मुस्लिम बहुमत के अलावा…
अब कार्रवाई का समय है
जम्मू और कश्मीर में सड़क सुरक्षा चुपचाप सबसे गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा चुनौतियों में से एक बन गई है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में जानें जा रही हैं कि शायद ही कभी इस पर लगातार गुस्सा या नीतिगत बहस होती है। इसलिए, जम्मू और कश्मीर मोटर वाहन विभाग…
*प्रशासनिक देरी जानलेवा साबित हो रही है*
जम्मू के पाँच प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से तीन में सीटी स्कैन मशीनों का लंबे समय से खराब पड़ा रहना सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रशासनिक उदासीनता और गलत प्राथमिकताओं की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है। सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएँ कोई…
अटल बिहारी वाजपेयीः लोकतांत्रिक नेतृत्व के आदर्श पुरुष
-गिरीश्वर मिश्र
स्वतंत्र भारत में यहाँ की विराट सांस्कृतिक परम्परा के संधान और उन्मेष की मानसिकता संजोने वाले जन-नायकों में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी निश्चय ही अनूठे व्यक्तित्व हैं। वह बिना किसी पूर्वाग्रह के पक्ष हो या…
वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 संरचनात्मक कमियों को दूर करता है
श्री शिवराज सिंह चौहान
भारत के राष्ट्रपति ने विकसित भारत- रोज़गार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण)
अधिनियम, 2025 को मंजूरी दी है। यह कानून वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन
करता है और सशक्तिकरण, विभिन्न योजनाओं…
भूमि की बिगड़ती सेहत और किसान
किसान दिवस पर विशेष
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प्रमोद भार्गव
दुनिया के अनेक देशों की तरह भारत भी वन क्षरण, अत्यधिक कृषि गतिविधियों से भूमि की नमी घटने और उसकी उर्वरता कम होने की समस्या से जूझ रहा है। इन कारणों के चलते भारत की 30 प्रतिशत से भी ज्यादा भूमि…
उपभोक्ता जागरूकता से समृद्ध समाज की ओर
- योगेश कुमार गोयल
उपभोक्ताओं के विभिन्न हितों और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए देश में प्रतिवर्ष 24 दिसम्बर को ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उनके हितों…
भारत के नए मुक्त व्यापार समझौते से खेत से लेकर कारखाने तक रोजगार और समृद्धि बढ़ेगी
लेखक: पीयूष गोयल
भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्यापार कूटनीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम को प्रतिबिंबित करता है - यह रोजगार सृजन को तेज करता है, निवेश को बढ़ावा देता है और भारत के छोटे…