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नहीं थम रहा बंगलादेश में हिन्दुओं की हत्या का दौर
-रमेश शर्मा
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमलों और उनकी बर्बर हत्याओं का दौर रुक नहीं रहा। इसमें हिन्दु स्त्रियों के साथ सामूहिक बलात्कार का अध्याय भी जुड़ गया है। लेकिन भारत के अधिकांश वे राजनैतिक दल चुप हैं जिन्हें आतंकवादियों…
अयोध्या श्री राम मंदिर: वैश्विक शांति और समृद्धि की नींव
पंकज जगन्नाथ जयस्वाल
22 जनवरी, 2024 को दुनिया भर के लाखों लोगों ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया, जिसने भारत के आध्यात्मिक पुनर्जागरण की शुरुआत की। श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या सिर्फ एक शहर से कहीं ज़्यादा है; यह एक…
आधुनिक खतरों के लिए नवाचार आवश्यक है**
निस्संदेह, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर अपनी सैन्य श्रेष्ठता और प्रभुत्व सिद्ध किया। इस अभियान में उन रणनीतिक ठिकानों को ध्वस्त किया गया जो जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवाद को बढ़ावा देने में सहायक थे।
लेकिन…
विकसित भारत युवा नेता संवाद: विकसित भारत के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण
डॉ. मनसुख मांडविया
भारत की विकास कथाउन लोगों द्वारा लिखी जाएगी, जो आज इसके विचारों को स्वरुप दे रहे हैं। पूरे देश में, युवा भारतीय इस बारे में गहराई से सोच रहे हैं कि भारत कैसे तेज़ी से आगे बढ़ सकता है, कैसे बेहतर शासन कर सकता…
एआई में नवाचार से नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
वर्ष 2026 के आरंभ में भारत एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश की तकनीकी दिशा तय करने वाला प्रमुख आधार बन रही है। यह परिवर्तन किसी एक नीति, संस्था या कंपनी का परिणाम नहीं है। यह…
वैश्विक मंच पर हिंदी
-डॉ. अशोक कुमार भार्गव
भारत की सांस्कृतिक चेतना की समृद्ध विरासत हिंदी न केवल हमारी अस्मिता की पहचान है वरन हमारे राष्ट्र की आत्मा भी है। अब हिंदी केवल परस्पर संवाद और संपर्क का माध्यम ही नहीं है वरन वैश्विक स्तर पर भी अपनी सर्जनात्मकता,…
अधर्म के विरुद्ध कार्रवाई
इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिन सड़कों पर मिनी-बसें सार्वजनिक रूप से चलती हैं, वहां सबसे अधिक दर्जे और रिकॉर्ड दरवाज़े देखने को मिलते हैं, क्योंकि इन टुकड़ों के ढांचे में पूरे इलाके में अवशेषों की पूरी तरह से पहचान नहीं की…
स्मृति शेषः कथा जगत को सूना कर गए ज्ञानरंजन
मुकुंद
साहित्यिक पत्रिका पहल के संपादक और प्रख्यात कथाकार ज्ञानरंजन कथा जगत को सूना कर गए। 07 जनवरी की रात जबलपुर में 90 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। इसी के साथ हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण युग का अवसान हो गया है।…
वर्षों से न्याय के इंतजार में पीढ़ियां-दर-पीढ़ियां
-डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के गत वर्ष के आंकड़ों की ही मानें तो देश के उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों में ही 65 लाख से अधिक मुकदमे निर्णय के इंतजार में दशकों से प्रतीक्षारत हैं। 3 हजार से…
जेएनयू और वामपंथ: विचारधारा के नाम पर अराजकता
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर किसी शैक्षणिक उपलब्धि, शोध या बौद्धिक योगदान के लिए नहीं, आपत्तिजनक नारेबाजी, उग्र मानसिकता और लोकतंत्र विरोधी आचरण के कारण राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है।…