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प्रतिभा पलायन के बीच ईयू ट्रेड डील का लाभ लेने को हम कितने तैयार हैं!
-डॉ. मयंक चतुर्वेदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता कहा है। वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, इस…
“संत रविदास ने दिया भगवान श्रीराम की भक्ति का संदेश “
-डॉ. आनंद सिंह राणा
मध्ययुगीन भक्ति चेतना के प्रमुख संतों में संत रविदास जी का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल मात्र संत अथवा भक्तों के रूप में ही प्रतिष्ठित नहीं है, अपितु उनका व्यक्तित्व…
समाज के लिए सर्वस्व समर्पण करने वाली बुधरी ताती
-प्रियंका कौशल
बुधरी ताती, ये नाम शायद आपने पहले ना सुना हो। लेकिन दक्षिण बस्तर में बुधरी ताती महिला सशक्तिकरण का दूसरा नाम है। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री देने की घोषणा की है। दक्षिण बस्तर यानि दंतेवाड़ा…
**अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं**
जम्मू-कश्मीर में सरकारी कार्यालयों में आग लगने की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित लोगों ने अब तक कोई सबक नहीं लिया है। इसी कड़ी में एक और मामले में जम्मू के न्यू प्लॉट क्षेत्र में जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ)…
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक प्रमुखों ने भारत-ईयू एफटीए की प्रशंसा की
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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के पूर्ण होने पर दुनिया भर में, अंतरराष्ट्रीय मीडिया,
विदेशी राजनीतिक नेतृत्व, वैश्विक व्यापार प्रमुखों और सम्मानित नीति विशेषज्ञों ने
मज़बूत और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। इस समझौते को…
**छात्रों के लिए उपचारात्मक पहल
जम्मू और कश्मीर सरकार ने छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक आवश्यक कदम उठाते हुए सभी जिलों में जिला स्तरीय निगरानी समितियों का गठन किया है। यह एक सकारात्मक शुरुआत है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में…
विमान हादसों में नेताओं की असमय विदाईः दुर्योग या विमानन व्यवस्था की कमजोरी
- डॉ. सत्यवान सौरभ
भारत की राजनीतिक यात्रा बार-बार आकाशी हादसों की भेंट चढ़ती रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती विमान दुर्घटना ने एक बार फिर पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। पांच लोगों की मौत के साथ राजनीति…
शिक्षा बजट में समाज-विज्ञानों पर ध्यान देने की जरूरत
- गिरीश्वर मिश्र
अंग्रेज़ों से स्वतंत्रता मिलने के समय भारत को एक पिछड़ा और तीसरी दुनिया का देश मान कर उसके लिए ‘विकास‘ को जरूरी कदम ठहराया गया। इस क्रम में विकास को पश्चिमी देशों की स्थिति के अनुसार पहचाना और…
आरक्षण की राजनीति: योग्यता, न्याय और यूजीसी ‘समता’ का जाल
- डॉ. प्रियंका सौरभ
भारत की आरक्षण नीति, जो कभी सामाजिक न्याय का औज़ार थी, आज पहचान की राजनीति और योग्यता की बहस के बीच फँस चुकी है। सवर्ण युवाओं की जाति रहित दृष्टि को व्यवस्था लगातार नकारती रही है, जबकि विश्वविद्यालय अनुदान…
बजट 2026: ग्रीन एनर्जी को मिल सकती है नई उड़ान
- विवेक शुक्ला
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करने वाली हैं। यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश तेजी से विकास कर रहा है और पर्यावरण की रक्षा भी जरूरी है। ग्रीन…