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अब दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा या नई शासन प्रणाली जरूरी
मनोज कुमार मिश्र
दिल्ली की जनगणना के आरंभिक जानकारी के मुताबिक दिल्ली की आबादी दो करोड़ तीस लाख से ज्यादा हो गई है। माना जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई करोड़ तक पहुंच सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी…
गैर-शैक्षणिक दायित्वों के बोझ तले शिक्षा व्यवस्था
प्रो. एस.के. सिंह
किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा न केवल मनुष्यों के निर्माण का आधार है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक…
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की चिरस्थाई विरासतः संस्थाएं, विचार और राष्ट्र निर्माण
लेखकः गजेंद्र सिंह शेखावत
इतिहास अक्सर महान नेताओं को उनके राजनीतिक संघर्षों के जरिए याद करता है। लेकिन राजनेताओं के चिरस्मरणीय योगदान राजनीति के दायरे तक ही सीमित नहीं होते। उनकी वास्तविक विरासत…
*पाठ्यक्रम की शुद्धता जरूरी**
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स्कूल शिक्षा विभाग के आठ कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई, उस समय सामने आई जब यह पता चला कि विवादित सामग्री वाली दो पुस्तकें स्कूल पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई गई थीं। इससे स्पष्ट हो गया है कि सरकार विद्यार्थियों की…
भारत की एकता और प्रगति के लिए समर्पित जीवन
आज, 6 जुलाई का दिन राष्ट्रवाद और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों में विश्वास रखने वाले करोड़ों देशवासियों के लिए बहुत ही विशेष है। आज हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म-जयंती मना रहे हैं। उनका जीवन साहस और मां भारती के प्रति…
ई-जागृति: डिजिटल भारत में उपभोक्ता न्याय के लिए नई परिकल्पना
श्री प्रल्हाद जोशी
न्याय में देरी, लंबे समय से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी निराशाओं में से एक रही है। चाहे वह खराब उत्पाद हो, ऑनलाइन खरीदी गई वस्तु का न मिल पाना हो, या अनुचित सेवा अनुबंध हो, शिकायत…
ड्रोन खतरे पर सख्त कार्रवाई जरूरी
सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई और गंभीर चुनौती उजागर की है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा पर…
नारी शक्तिकादशक, विकसित भारतकाउत्कर्ष
श्रीमतीअन्नपूर्णादेवी
देश के किसी भी गाँव, बस्ती या सुदूर इलाके में जाइए- हर घर की रसोई में एक जैसी बदली हुई हवा महसूस होगी l चूल्हे के जिस काले धुएँ ने कभी नई दुल्हन की आँखों में आँसू भरे थे, उज्ज्वला की नीली लौ ने उसे विदा…
भारत से शिकागो और फिर हुगली तक: स्वामी विवेकानंद के योग संदेश की वैश्विक यात्रा
प्रतापराव जाधव
समूचे इतिहास में, कुछ विचार सरहदों के पार जाकर समाजों को बदलते रहे हैं।योग भारत की प्राचीनतम परंपराओं में से एक है, जिसकी यात्रा प्राचीन शास्त्रों से शुरू होकर वैश्विक मान्यता तक जा पहुँची है।
योग…