**मुख्य सचिव ने D-BRAP 2025 के तहत लंबित सुधारों को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश दिए**
जम्मू: मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने आज जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों और विभागों में जिला व्यवसाय सुधार कार्य योजना (D-BRAP)-2025 के तहत हुई प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। ये सुधार Department for Promotion of Industry and Internal Trade के मार्गदर्शन में लागू किए जा रहे हैं।
यह बैठक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसमें संबंधित प्रशासनिक सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक उद्योग जम्मू और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विभागवार सेवाओं और D-BRAP के तहत निर्धारित सुधार मानकों की व्यापक समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ये सुधार नागरिक कल्याण में सुधार और केंद्र शासित प्रदेश में बेहतर व्यावसायिक माहौल बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह पहल जमीनी स्तर पर ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को निर्देश दिए कि वे अन्य विभागों और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश सुधारों का अनुपालन हो चुका है, लेकिन शेष बिंदुओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं।
मुख्य सचिव ने विभागों और जिलों में क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लंबित सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में एक वरिष्ठ अधिकारी को D-BRAP के क्रियान्वयन की दैनिक निगरानी के लिए नामित करें, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा या देरी से बचा जा सके।
सुधार-आधारित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने सभी विभागों को अगले कुछ महीनों में निर्धारित सुधारों का 100 प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति बनाए रखते हुए ठोस परिणाम प्राप्त किए जाएं।
उन्होंने जमीनी स्तर से लेकर उच्च प्रशासनिक स्तर तक सुचारु समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये सुधार प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, अनुपालन के बोझ को कम करके और सेवा वितरण प्रणाली में सुधार लाकर नागरिकों और व्यवसायों को वास्तविक और मापनीय लाभ पहुंचाने चाहिए।
बैठक के दौरान आयुक्त सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विक्रमजीत सिंह ने D-BRAP का समग्र ढांचा प्रस्तुत करते हुए बताया कि DPIIT ने 15 विभागों में 46 सेवाओं की अनिवार्य डिजिटाइजेशन के लिए पहचान की है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विभाग ने एक समर्पित सर्विस डैशबोर्ड विकसित किया है, जिसकी पहुंच सभी उपायुक्तों को दी गई है, जिससे JKSW पोर्टल के माध्यम से सेवा वितरण की रियल-टाइम निगरानी संभव हो सके। प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों और विभागीय नोडल अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
इस अवसर पर निदेशक उद्योग जम्मू अरुण मनहास ने विभागवार सेवाओं के वर्गीकरण की जानकारी दी और विभागों तथा जिला प्रशासन की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। उन्होंने सेवाओं की वर्तमान ऑनलाइन स्थिति और उनके PSGA अधिसूचना की स्थिति पर भी प्रस्तुति दी।