मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एम्स अवंतीपोरा कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, समय पर पूरा करने का निर्देश
अवंतीपोरा 08 सितंबर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा के अवंतीपोरा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान कश्मीर के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक की अध्यक्षता की।
इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, मुख्यमंत्री के सलाहकार नसीर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, एम्स अवंतीपोरा के कार्यकारी निदेशक डॉ. एस. मोहंती, विभाजन आयुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद राशिद, उपायुक्त पुलवामा डॉ. बशारत क़य्यूम तथा निष्पादन एजेंसी एनसीसी लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अवसंरचना विकास, मशीनरी की खरीद, कार्यबल की तैनाती और अन्य संबद्ध कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित परियोजना के समयबद्ध पूरा होने के लिए तय समयसीमा का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने निष्पादन एजेंसी को सभी लंबित कार्यों को शीघ्र गति से पूरा करने और तय समय सीमा में समाप्त करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एम्स अवंतीपोरा को एकी.त इकाई के रूप में चालू किया जाना चाहिए, ताकि जनसाधारण के हित में ओपीडी और आईपीडी दोनों सेवाएँ एक साथ शुरू की जा सकें। इसके लिए उन्होंने एजेंसी को पखवाड़ेवार प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने एजेंसी को अतिरिक्त जनशक्ति और मशीनरी जुटाकर कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की मुख्य इमारत, प्राथमिक कार्य, सड़क संपर्क, जलापूर्ति, अंतिम मास्टर प्लान, आपात विभाग तक पहुंच मार्ग और अन्य सुविधाओं सहित परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने आसपास के क्षेत्रों को स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया, विशेष रूप से हालिया भारी वर्षा और संस्थान के पहाड़ी इलाके में स्थित होने को ध्यान में रखते हुए।
इससे पहले, एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. मोहंती ने अब तक की प्रगति के बारे में अवगत कराया और बताया कि जुलाई 2026 से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू होने की योजना है, जबकि ओपीडी और संबद्ध सेवाएँ अगले वर्ष की शुरुआत में शुरू हो जाएंगी और वर्ष के अंत तक संस्थान पूरी तरह कार्यरत हो जाएगा।
बाद में मुख्यमंत्री ने स्थल व परिसर का निरीक्षण किया और संस्थान की मास्टर प्लान रिपोर्ट का अवलोकन किया।