मुख्य सचिव ने मिशन युवा के क्रियान्वयन की समीक्षा की

गुणवत्ता, क्षमता निर्माण और समय पर ऋण प्रवाह पर दिया जोर दिया

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श्रीनगर 08 सितंबर। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुुल्लू ने जम्मू में मिशन युवा की एपैक्स स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान मिशन की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में इसके क्रियान्वयन की गति तेज़ करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन, वित्त विभाग के प्राचार्य सचिव संतोष डी. वैद्य, विभिन्न विश्वविद्यालयों के उपकुलपति, आयुक्त सचिव एचयूडीडी, आयुक्त सचिव उद्योग एवं वाणिज्य, आयुक्त सचिव सहकारिता, सचिव आरडीडी, आईआईएम जम्मू के निदेशक, विभिन्न जिलों के उपायुक्त, महाविद्यालयों के निदेशक, सीईओ सिटैग, जम्मू-कश्मीर बैंक, नाबार्ड, आईआईटी जम्मू के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने मिशन के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कहा कि विशेष संभावित समूहों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, जिनमें कॉलेज छात्र, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं विशेषकर “लखपति दीदी“, विश्वकर्मा प्रायोजित कारीगर तथा मौजूदा नैनो-उद्यम शामिल हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि विभाग यह सुनिश्चित करें कि डीपीआर अत्यंत सावधानी से तैयार किए जाएं, ताकि व्यवसाय विफलता का जोखिम न्यूनतम हो। उन्होंने पात्र आवेदकों की निरंतर क्षमता निर्माण और परियोजना प्रबंधन इकाई में दक्ष जनशक्ति की नियुक्ति पर विशेष बल दिया।
मुख्य सचिव ने बैंकों से लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और आवेदकों को डीपीआर तैयार करने में सक्रिय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डीपीआर की गुणवत्ता विचारों को सफल उद्यमों में बदलने में निर्णायक होती है।
उन्होंने वित्तीय संस्थानों और विभागों को ऋण स्वी.ति एवं वितरण प्रक्रिया को शीघ्रतम गति देने का निर्देश दिया, ताकि पात्र युवाओं के उपक्रम स्थापित करने में देरी न हो।
अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने सभी हितधारकों को आपसी तालमेल से मिशन के परिप्रेक्ष्य और प्रभाव को और अधिक विस्तार देने का आह्वान किया।
वित्त विभाग के प्राचार्य सचिव संतोष डी. वैद्य ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कार्यक्रम की सफलता तीन स्तंभों पर टिकी है. युवाओं का कौशल विकास, बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहयोग और सशक्त बाज़ार संपर्क। उन्होंने इस लक्ष्य को व्यवहार्य बनाने हेतु मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया।
आईआईएम जम्मू के निदेशक ने हितधारकों की क्षमता निर्माण हेतु एक वर्ष की गतिविधि कैलेंडर तैयार करने, प्रशिक्षण विषयों व प्रतिष्ठित संस्थानों से संसाधन व्यक्तियों की समय पर पहचान एवं सूचीबद्ध करने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्रम एवं रोजगार सचिव कुमार राजीव रंजन ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि मिशन युवा को अब तक कुल 42,334 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 36,951 नैनो उद्यमों के लिए, 1,557 नए एमएसएमई के लिए और 210 मौजूदा एमएसएमई से आए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि मिशन के तहत अब तक 90,611 पंजीकरण यूवा पोर्टल पर दर्ज हुए हैं। इनमें से 20,304 आवेदनों का सिंगल बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स द्वारा सत्यापन किया गया है और 15,438 आवेदनों को जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों ने मंजूरी दी है।
बैंकिंग स्तर पर 15,771 आवेदन 1,071.43 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं। इनमें से 4,190 को स्वी.त किया गया है और 2,087 परियोजनाओं का वितरण किया जा चुका है। यह युवाओं द्वारा संचालित उद्यमिता में मजबूत गति को दर्शाता है।
योजना के अंतर्गत औसत परियोजना लागत 6.3 लाख रुपये रही है। अब तक बैंकों ने 264.47 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वी.त किया है, 133.46 करोड़ रुपये वितरित किए हैं तथा 23.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी का दावा किया गया है।
रोजगार निदेशक शहजाद आलम ने मिशन की मजबूत डिजिटल भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यूवा मोबाइल ऐप 50,000 से अधिक डाउनलोड हो चुका है और पोर्टल पर 9 लाख से अधिक विज़िटर दर्ज हुए हैं, जिससे यह युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सबसे पारदर्शी और सुलभ प्लेटफॉर्म बन गया है।
बाद में, मुख्य सचिव ने लाइव यूवा डैशबोर्ड की समीक्षा की, जिसमें ज़िला वार आवेदनों, ऋण प्रवाह, डीपीआर तैयारी और युवाओं के कौशल विकास कार्यक्रमों का आकलन किया गया। उन्होंने डीएलआईसी क्लियरेंस, बैंकों में लंबित मामलों और जम्मू-कश्मीर भर में आयोजित “उद्यम जागृति“ सत्रों के प्रभाव की भी समीक्षा की।

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