35 साल से जम्मू में रह रही पाक नागरिक को कोर्ट से मिली राहत

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जम्मू, 3 अगस्त: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत से निर्वासित की गई पाकिस्तानी नागरिक रक्षंदा राशिद को भारत लौटने के लिए विज़िटर वीज़ा दिया जाएगा। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट को जानकारी दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने रक्षंदा की याचिका खारिज कर दी है।

62 वर्षीय रक्षंदा राशिद, जो कि पाकिस्तान की नागरिक हैं, ने 35 वर्ष पूर्व जम्मू निवासी शेख जहूर अहमद से विवाह किया था और तब से जम्मू के तलाब खटिकन क्षेत्र में रह रही थीं। उन्होंने 1990 में 14 दिन के वीज़ा पर भारत प्रवेश किया था और बाद में उन्हें लॉन्ग टर्म वीज़ा (LTV) पर साल दर साल भारत में रहने की अनुमति दी गई थी।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का निर्णय लिया था। इसी के तहत 28 अप्रैल को उन्हें ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया गया और 29 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया। उन्हें अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर तक पहुँचाकर पाकिस्तान भेजा गया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने सैद्धांतिक रूप से विज़िटर वीज़ा देने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय भविष्य में किसी मामले में उदाहरण नहीं माना जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश अरुण पाली और न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि रक्षंदा राशिद नागरिकता और दीर्घकालिक वीज़ा की अपनी अर्जी को आगे बढ़ा सकती हैं।

रक्षंदा के पति ने कोर्ट के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “हम बहुत राहत महसूस कर रहे हैं। पूरा परिवार तनाव में था। अब उम्मीद है कि वह जल्द हमारे बीच होगी।”

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