श्रीनगर में कैट रिकॉर्ड से छेड़छाड़ मामले में छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर

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श्रीनगर, 19 नवंबर (हि.स.)। अपराध शाखा कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से जुड़े एक बहुचर्चित रिकॉर्ड छेड़छाड़ मामले में श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आईपीसी की धारा 209, 409, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत एफआईआर संख्या 87/2022 में आरोप पत्र दायर किया है।

आरोप पत्र में टाकिया खान सोपोर निवासी पठान मजीद अहमद खान, अली बाग ह्यगाम सोपोर निवासी मुश्ताक अहमद राथर, तुज्जर शरीफ सोपोर निवासी मुदासिर यूसुफ वानी, यंबरज़ल वानी सोपोर निवासी गुलाम मोहम्मद रेशी, बोनपोरा नौपोरा सोपोर निवासी बशीर अहमद डार और वर्तमान में डीसी ऑफिस जम्मू के पास रहने वाले प्रयागराज, उत्तर प्रदेश निवासी अनूप मिश्रा के नाम शामिल हैं।

यह मामला मुख्य बागवानी अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त एक पत्र से उत्पन्न हुआ जिसमें टीए संख्या 4100/2021 में कैट के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में संदिग्ध छेड़छाड़ की सूचना दी गई थी। इसके बाद आर्थिक अपराध शाखा ने एक औपचारिक मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कैट श्रीनगर के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में न्यायाधिकरण की हिरासत में रहते हुए अवैध रूप से बदलाव किया गया था। जाँचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि मुख्य आरोपी, पठान मजीद अहमद खान ने कैट कर्मचारी अनूप मिश्रा और अन्य लाभार्थी कर्मचारियों के साथ आपराधिक साजिश रचकर बागवानी विभाग में उनके नियमितीकरण से संबंधित अभिलेखों में अनधिकृत प्रविष्टियाँ की थीं।

तलाशी के दौरान माजिद खान के आवास से विभिन्न विभागों और संस्थानों की कम से कम बारह आधिकारिक मुहरें बरामद हुईं जिनमें बागवानी निदेशक, बीडीओ, तहसीलदार, ज़ेडईओ, स्कूल प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों की मुहरें शामिल हैं। उनके मोबाइल फोन से प्राप्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप बातचीत सहित डिजिटल साक्ष्यों ने साजिश और कैट कर्मचारी अनूप मिश्रा की भूमिका की पुष्टि की। अब न्यायिक निर्णय के लिए आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया है।

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