लद्दाख से 5 गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ पहुंचाया गया, इनमें 3 सेना के जवान शामिल

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**नई दिल्ली, 8 जून:** भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने सोमवार को बताया कि लद्दाख से पांच गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर चंडीगढ़ पहुंचाया गया है। इनमें भारतीय सेना के तीन जवान भी शामिल हैं।

 

सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 के दौरान केवल लद्दाख सेक्टर में ही हताहत निकासी (केसिवैक) अभियानों के माध्यम से 143 लोगों की जान बचाई गई है।

 

पश्चिमी वायु कमान ने लद्दाख से संचालित इस महत्वपूर्ण चिकित्सा निकासी अभियान का विवरण साझा किया, जिसे कठिन ऊंचाई वाले इलाके और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

 

पोस्ट में कहा गया, **“भारतीय वायु सेना ने लद्दाख से एक महत्वपूर्ण चिकित्सा निकासी (मेडिवैक) मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मिशन के तहत खतरनाक रूप से बीमार सूची (डीआईएल) में शामिल पांच मरीजों को उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए चंडीगढ़ एयरलिफ्ट किया गया। मरीजों में भारतीय सेना के तीन जवान, एक आश्रित सदस्य तथा एक लद्दाखी नागरिक शामिल थे।”**

 

भारतीय वायु सेना ने इस चिकित्सा निकासी अभियान की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।

 

वायु सेना ने कहा, **“कठिन ऊंचाई वाले क्षेत्र और प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद, आईएएफ के सी-17 और एएन-32 विमानों ने मरीजों की त्वरित, सुरक्षित और समय पर निकासी सुनिश्चित की।”**

 

पोस्ट में आगे कहा गया, **“यह मिशन जीवन बचाने और आपातकालीन परिस्थितियों में आशा प्रदान करने के प्रति भारतीय वायु सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। #भारतीयवायुसेना – हर जीवन महत्वपूर्ण है, हर पुकार का उत्तर दिया जाता है। वर्ष 2026 के दौरान केवल लद्दाख सेक्टर में ही केसिवैक अभियानों के माध्यम से 143 लोगों की जान बचाई गई है।”**

 

**डेंजरसली इल लिस्ट (डीआईएल)** एक चिकित्सीय वर्गीकरण है, जिसके अंतर्गत ऐसे मरीजों को रखा जाता है जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर और अस्थिर होती है तथा जिनके स्वास्थ्य में अचानक और तेजी से गिरावट आने या मृत्यु की आशंका बहुत अधिक होती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) की वेबसाइट के अनुसार, ऐसे मरीजों को तत्काल और विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

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