मुख्य सचिव ने बीआईएसएजी-एन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

डिजिटल शासन और ई-सेवा प्रावधान में बीआईएसएजी-एन की भूमिका की सराहना की

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श्रीनगर 29 अक्टूबर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा भू-स्थानिक अनुप्रयोग और सूचना विज्ञान के लिए भास्कराचार्य राष्ट्रीय संस्थान के सहयोग से लागू की जा रही तकनीकी-आधारित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में .षि उत्पादन, लोक निर्माण, गृह, समाज कल्याण, उद्योग और वाणिज्य विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, विशेष डीजी बीआईएसएजी-एन, सचिव शिक्षा, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी, मिशन निदेशक समग्र शिक्षा, निदेशक रोजगार, सीईओ जेकेगा, एसआईओ एनआईसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और बीआईएसएजी-एन द्वारा “डिजिटल जम्मू-कश्मीर” पहल के अंतर्गत कई नागरिक-केन्द्रित और प्रशासनिक डिजिटल प्लेटफार्मों की सफलतापूर्वक शुरुआत के लिए सराहना की।
उन्होंने शिक्षा, .षि और राजस्व जैसे क्षेत्रों में लागू परियोजनाओं को आधुनिक सुधारों के लिए आवश्यक बताया और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अटल डुल्लू ने तकनीक की परिवर्तनकारी क्षमता पर बल देते हुए कहा कि .त्रिम बुद्धिमत्ता और ऑडियो-विजुअल सामग्री के उपयोग से व्यक्तिगत और स्थानीय.त शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि समय पर पूर्वानुमान, परामर्श और किसानों के लिए क्षमता निर्माण उपाय उत्पादकता और आय स्तर बढ़ाने में सहायक होंगे।
राजस्व अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पारदर्शी और कुशल प्रशासनिक प्रणाली की दिशा में प्रमुख सुधारों की नींव है।
विशेष डीजी बीआईएसएजी-एन विनय ठाकुर ने मुख्य सचिव को सभी आईटी मॉड्यूल और अनुप्रयोगों के विकास में पूर्ण तकनीकी और परिचालन सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय और निगरानी को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सूचना प्रौद्योगिकी सचिव पीयूष सिंगला ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी।
बैठक में एकी.त खनन निगरानी प्रणाली की समीक्षा की गई, जिसके पहले चरण को अवैध खनन गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें रोकने हेतु सफलतापूर्वक लागू किया गया है। 114 से अधिक स्वचालित ट्रिगर फील्ड अधिकारियों और जिला प्रशासन को तत्काल सत्यापन हेतु साझा किए गए हैं।
“जेके टूरिज्म ऐप” की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इसे 16 सितंबर 2025 को लॉन्च किया गया था। यह मोबाइल और वेब ऐप पर्यटन स्थलों, यात्रा मार्गदर्शिका और सहायता से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। बीआईएसएजी-एन द्वारा विकसित एआई चैटबॉट ने 1000 से अधिक डाउनलोड प्राप्त किए हैं।
एआई-आधारित जीएसटी धोखाधड़ी पहचान मॉड्यूल के संबंध में बताया गया कि संभावित कर चोरी पैटर्न की पहचान हेतु उच्च प्राथमिकता वाली विश्लेषणात्मक रिपोर्टें वित्त विभाग को सौंपी गई हैं।
इसके अलावा, नगर क्षेत्रों के बेघर और भूमिहीन परिवारों के सर्वेक्षण हेतु बीआईएसएजी-एन द्वारा विकसित मोबाइल एप के माध्यम से अब तक 3.35 लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूरा किया गया है।

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