# मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में कृषि ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया
**केसीसी, एआईएफ, पीएमएफएमई, एचएडीपी क्रेडिट सहित विभिन्न योजनाओं की जिला-वार समीक्षा**
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**श्रीनगर, 5 जून:** मुख्य सचिव अतल डुल्लू ने कृषि उत्पादन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जम्मू-कश्मीर में लागू विभिन्न कृषि ऋण योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि उत्पादन विभाग डॉ. आशीष चंद्र वर्मा, एचएडीपी के प्रबंध निदेशक, कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य विभाग के निदेशक तथा विभिन्न जिलों के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को विकसित करने के लिए सुलभ और सस्ती ऋण व्यवस्था सबसे प्रभावी साधन है।
उन्होंने जिला प्रशासन और बैंकों से योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया ताकि किसानों, उद्यमियों और उत्पादक समूहों को अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत सभी पात्र किसानों को शामिल करने, खातों के समय पर नवीनीकरण तथा पुनर्भुगतान प्रोत्साहन राशि के शीघ्र वितरण पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण वाले क्षेत्रों में यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) के तहत तेजी से ऑनबोर्डिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को वित्तीय रूप से सक्षम और बैंक ऋण के योग्य बनाने के लिए क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की जिला-वार प्रगति की समीक्षा की गई और अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (एएचआईडीएफ), पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएमएफएमई), एचएडीपी क्रेडिट, जेकेसीआईपी क्रेडिट, राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और पीएम-किसान जैसी प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में लगभग 11.57 लाख सक्रिय केसीसी खाताधारक हैं, जिनमें से लगभग 3.5 लाख किसानों ने पिछले वित्तीय वर्ष में समय पर भुगतान प्रोत्साहन का लाभ उठाया।
इसके अलावा 7.99 लाख लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं तथा खरीफ सीजन के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत 41 प्रतिशत कवरेज प्राप्त की गई।
कृषि अवसंरचना कोष के तहत 680 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 431 करोड़ रुपये 392 लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।
पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 545 मामलों में 22 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
एचएडीपी क्रेडिट के तहत 302.78 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से मई 2026 तक 172.69 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
एफपीओ वित्तपोषण के अंतर्गत 67 एफपीओ को 604 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 54 एफपीओ को 425 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
पीएम-किसान योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में लगभग 9.16 लाख सक्रिय लाभार्थी हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी **‘खेत बचाओ अभियान’** का उपयोग प्रत्येक गांव तक पहुंचकर किसानों को कृषि ऋण योजनाओं के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए किया जाएगा।