मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर व बडगाम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

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श्रीनगर 04 सितम्बर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर और बडगाम ज़िलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया। उन्होंने लस्जन के पास शलिना में झेलम नदी के तटबंध टूटने के बाद की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए कई आंतरिक जलमग्न इलाकों तक नाव से पहुंचकर निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने टैंगन लस्जन और शलिना क्षेत्रों का दौरा किया, जहाँ उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से हालात का आकलन किया। बाढ़ का सामना करते हुए वे नाव के माध्यम से जलमग्न क्षेत्रों में पहुँचे और प्रभावित नागरिकों से भेंट की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हरसंभव मदद और सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा “प्रशासन की तात्कालिक प्राथमिकता प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालना, उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाना और तुरंत राहत पहुँचाना है।”
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि जलभराव वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित और सुगम निकासी सुनिश्चित की जाए तथा अस्थायी शिविर स्थापित किए जाएँ, जिनमें सुरक्षित पेयजल, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री श्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री नासिर असलम वानी तथा चाडूरा, चैनापोरा और लाल चौक निर्वाचन क्षेत्रों के विधायक भी मौजूद थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति विभाग श्री शलीन काबरा, संभागीय आयुक्त कश्मीर, श्रीनगर नगर निगम आयुक्त, श्रीनगर व बडगाम के उपायुक्त, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ कश्मीर, मुख्य अभियंता सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण कश्मीर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ थे।
मुख्यमंत्री ने आसपास के निवासियों से प्रशासन द्वारा जारी सलाहों का कड़ाई से पालन करने और राहत एवं बचाव कार्यों में लगे अधिकारियों को पूरा सहयोग देने का आग्रह किया।
स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा “लगातार बारिश और झेलम नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण, कल से हमें जो आशंका थी, वह दुर्भाग्यवश सही साबित हुई, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई। सबसे पहले, हमें अल्लाह का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि समय पर निकासी हुई और सबसे अहम बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई।”
उन्होंने स्वीकार किया कि बाढ़ से काफी वित्तीय और संपत्तिगत नुकसान हुआ है।
“इसे नकारा नहीं जा सकता। हमें इस बारे में उचित निर्णय लेने होंगे। केंद्र सरकार की एक टीम पहले ही जम्मू के दस ज़िलों में हुए नुकसान का आकलन कर रही है। मैं माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से आग्रह करूंगा कि वही टीम कश्मीर भी भेजी जाए ताकि कुलगाम, अनंतनाग, श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, बारामुला, बांदीपोरा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का नुकसान सही तरीके से आंका जा सके।”
उन्होंने कहा “हमारी जिम्मेदारी है कि हर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नुकसान का जायज़ा लिया जाए और राहत व पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।”
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा नावों की संख्या बढ़ाकर जलमग्न पशुशालाओं में फँसे पशुओं को बाहर निकालने के भी निर्देश दिए।

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