मंडलायुक्त जम्मू ने उधमपुर के थार्ड में एनएच-44 पर बहाली कार्यों का जायज़ा लिया
उधमपुर 05 सितम्बर। मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार ने उधमपुर के थार्ड इलाके में भूस्खलन से प्रभावित जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का दौरा कर चल रहे बहाली कार्यों का जायज़ा लिया।
उनके साथ उपायुक्त उधमपुर सलोनी राय, जिला प्रशासन, पुलिस तथा एनएचएआई के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मंडलायुक्त ने एनएच-44 के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त जनशक्ति और मशीनरी जुटाकर बहाली कार्यों को यथाशीघ्र पूरा करें।
उन्होंने एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर चलाए जा रहे मलबा हटाने और सड़क बहाल करने के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान कनितगली–मौंगरी, रामनगर–बसंतगढ़ और चनैनी–सुद्धमहादेव सड़कों की बहाली को भी प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
मंडलायुक्त ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मलबा हटाने की कार्रवाई में तेजी लाएँ और आवश्यक यातायात जल्द से जल्द शुरू करने के लिए सभी संभव उपाय करें। उन्होंने यह भी आदेश दिया कि एजेंसियाँ दोहरी पालियों में काम करें ताकि एनएच-44 पर यातायात न्यूनतम समय में बहाल हो सके।
दौरे के दौरान मंडलायुक्त ने ज़िले में पीने के पानी, बिजली आपूर्ति और राशन उपलब्धता की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक सेवाओं बिजली, पानी, सड़क संपर्क की 100 प्रतिशत बहाली सुनिश्चित की जाए और पूरी बहाली तक प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी वैकल्पिक प्रबंधों द्वारा लोगों को त्वरित राहत दी जाए।
मंडलायुक्त ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को ज़रूरी उपभोक्ता वस्तुओं की सप्लाई, अस्थायी आश्रय सुविधा और पुनर्वास कार्यों पर पूरी गंभीरता से काम किया जाए।
उन्होंने इस राजमार्ग की अहमियत पर ज़ोर देते हुए कहा कि उधमपुर ब्लॉक का एनएच-44 को अभूतपूर्व क्षति पहुँची है। यद्यपि इसे 29 और 30 अगस्त को बहाल कर फिर से खोला गया था, लेकिन दुबारा बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है।
इस महत्वपूर्ण जीवनरेखा को, जो जम्मू को डोडा, किश्तवाड़ और श्रीनगर से जोड़ती है तत्काल बहाल करने की आवश्यकता बताते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि एजेंसियों को कल शाम तक मरम्मत पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि एनएच-44 और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की बहाली तथा प्रभावित जनसंख्या को आवश्यक राहत उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।