जेएनपीए ने जम्मू-कश्मीर के निर्यातकों से समुद्री व्यापार के अवसरों को तलाशने का आह्वान किया
सुनील दत्त
मुंबई, 6 अक्टूबर: जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (JNPA) के अध्यक्ष उन्मेष शरद वाघ ने जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों और निर्यातकों से अपील की है कि वे आयात-निर्यात के लिए जेएनपीए की आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ उठाएं, जो जम्मू-कश्मीर के लिए एक उपयुक्त “गेटवे पोर्ट” है।
उन्होंने मुंबई में आयोजित एक संवाद के दौरान जम्मू-कश्मीर के मीडिया प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि “जेएनपीए जम्मू-कश्मीर का प्रवेश द्वार है। प्रभावी बंदरगाह कनेक्टिविटी कश्मीर के सेब, अखरोट, हस्तशिल्प, बागवानी और कृषि उत्पादों के घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
वाघ ने आगे कहा कि “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025” आगामी 27 से 31 अक्टूबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उद्यमियों, निर्यातकों और व्यापारियों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर नए व्यावसायिक साझेदारी के अवसर तलाशने का आग्रह किया।
वाघ ने बताया कि जेएनपीए देश का सबसे बड़ा कंटेनर हैंडलिंग पोर्ट है, जो भारत की समुद्री व्यापार क्षमता और लॉजिस्टिक दक्षता को मजबूत बना रहा है। उन्होंने बंदरगाह के आधुनिकीकरण, विस्तार योजनाओं और तकनीकी नवाचारों पर भी प्रकाश डाला, जिनसे जेएनपीए विश्वस्तरीय मानकों तक पहुँचा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वधावन पोर्ट परियोजना, जो निर्माणाधीन है, भारत का सबसे बड़ा और विश्व का सातवां सबसे बड़ा बंदरगाह बनने जा रहा है। इसके शुरू होने से जम्मू-कश्मीर सहित पूरे उत्तर भारत के व्यापार को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर जेएनपीए की वरिष्ठ प्रबंधक (मार्केटिंग एवं जनसंपर्क) अंबिका सिंह, जो वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड में कॉरपोरेट कम्युनिकेशन एवं ट्रेनिंग की डीजीएम भी हैं, ने मीडिया प्रतिनिधियों को बंदरगाह की कार्यप्रणाली, डिजिटलीकरण, और ग्रीन पहल से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वधावन पोर्ट परियोजना वर्ष 2030 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
यह दौरा प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) जम्मू-कश्मीर द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय मीडिया टूर का हिस्सा है, जिसमें जम्मू और श्रीनगर के 14 पत्रकार शामिल हैं। इस दल का नेतृत्व नेहा जलाली, निदेशक, पीआईबी जम्मू द्वारा किया जा रहा है, जबकि जयदेवी पुजारी स्वामी, उप निदेशक, पीआईबी मुंबई भी उपस्थित थीं।
इस मीडिया टूर का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के पत्रकारों को देश की प्रमुख विकास परियोजनाओं, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs), और औद्योगिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है, ताकि क्षेत्रीय मीडिया और राष्ट्रीय संस्थाओं के बीच गहरा संवाद और समझ विकसित हो सके।