जीएमसी जम्मू ने डेंगू को लेकर परामर्श जारी किया, स्वयं दवा लेने से बचने की सलाह

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जम्मू, 19 मई : सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू ने डेंगू प्रबंधन को लेकर विस्तृत जन परामर्श जारी करते हुए लोगों से मच्छर जनित इस बीमारी के प्रति सतर्क रहने और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है। अस्पताल ने चेतावनी दी है कि डेंगू वायरस के दूसरे प्रकार से दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर जटिलताओं, आंतरिक रक्तस्राव और अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

जीएमसी द्वारा जारी परामर्श के अनुसार डेंगू बुखार संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो डेंगू वायरस के चार प्रकारों में से किसी एक को वहन करता है। यह संक्रमण सामान्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, हालांकि दुर्लभ मामलों में गर्भवती महिला से शिशु तक पहुंच सकता है।

जीएमसी जम्मू के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि पहली बार डेंगू संक्रमण आमतौर पर हल्का होता है, लेकिन दूसरे प्रकार के वायरस से दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। मच्छर काटने के चार से दस दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं और तीन से सात दिन तक बने रह सकते हैं। इनमें तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते और अत्यधिक कमजोरी शामिल हैं।

परामर्श में कहा गया है कि लगभग हर 20 डेंगू मरीजों में से एक को शुरुआती लक्षण कम होने के बाद गंभीर डेंगू हो सकता है। जिन लोगों को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, मसूड़ों या नाक से खून आना, उल्टी या मल में खून दिखाई देना या अत्यधिक थकान महसूस हो, उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

जीएमसी जम्मू ने बताया कि डेंगू प्रबंधन के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। वयस्क मरीजों के लिए जीएमसी अस्पताल में और बच्चों के लिए एसएमजीएस अस्पताल में अलग वार्ड बनाए गए हैं।

चौबीसों घंटे डेंगू जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें डेंगू एनएस1 एलिसा जांच, डेंगू आईजीएम एलिसा जांच, उन्नत आरटी-पीसीआर जांच, पूर्ण रक्त गणना, हीमेटोक्रिट और प्लेटलेट निगरानी शामिल है।

नमूना संग्रह केंद्र जीएमसी अस्पताल, एसएमजीएस अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कई स्थानों पर स्थापित किए गए हैं।

डॉक्टरों ने हल्के लक्षण वाले मरीजों को नियमित रूप से बुखार की निगरानी करने, केवल डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल लेने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने, पूरा आराम करने और लक्षण बढ़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।

परामर्श में स्वयं दवा लेने और बिना आवश्यकता प्लेटलेट चढ़ाने की मांग करने से बचने को कहा गया है। इसमें स्पष्ट किया गया कि प्लेटलेट चढ़ाने का निर्णय केवल चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा ही लिया जाना चाहिए।

मधुमेह, गुर्दे की बीमारी, जिगर संबंधी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्क रहने और बुखार या चेतावनी संकेत दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है।

जीएमसी जम्मू ने लोगों से मच्छरों की रोकथाम और व्यक्तिगत सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। लोगों को पूरे बाजू के कपड़े पहनने, विशेषकर रात में मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बाल्टी, कूलर, टायर और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है। साथ ही घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने को कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि जीएमसी जम्मू में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट भंडार और आवश्यक ढांचा उपलब्ध है, जिससे डेंगू मामलों का प्रभावी ढंग से उपचार किया जा सके।

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