जीएमसी उधमपुर निर्धारित मानकों के तहत दे रहा है प्रभावी सेवाएं: स्वास्थ्य मंत्री
**जम्मू, 28 मार्च:** स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री साकीना इटू ने आज सदन को जानकारी दी कि सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और संबद्ध अस्पताल उधमपुर निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप कार्य कर रहा है तथा जनता को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
मंत्री ने यह बात आज विधानसभा में पवन कुमार गुप्ता द्वारा प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कही।
उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक विभाग, जैसे बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी), आपातकालीन सेवाएं तथा जांच सुविधाएं पूरी तरह से कार्यरत हैं और क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पर्याप्त रूप से पूरा कर रहे हैं।
23 जनवरी 2026 की रात संबद्ध अस्पताल उधमपुर के आपातकालीन/कैजुअल्टी विभाग में हुई घटना के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की वास्तविक स्थिति और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए तत्काल एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि समिति ने पाया कि मरीज या तो अस्पताल लाने से पहले ही मृत हो चुका था या लाते ही उसकी मृत्यु हो गई थी, और परिजनों की उपस्थिति के कारण मृत्यु की औपचारिक घोषणा बाद में की गई।
मंत्री ने यह भी कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने परिस्थितियों के अनुसार स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का तत्परता से निर्वहन किया।
उन्होंने आगे बताया कि इस घटना और उससे संबंधित वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मद्देनज़र सरकार ने प्रोफेसर अशुतोष गुप्ता, प्राचार्य, सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू को जांच अधिकारी नियुक्त किया है, ताकि घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा सके, जिसमें प्रशासनिक, सुरक्षा और संस्थागत पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों के प्रभावी और जवाबदेह संचालन के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही मरीजों की देखभाल, संस्थागत अनुशासन और पेशेवर आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि आपातकालीन सेवाओं का सुव्यवस्थित संचालन और ऐसी परिस्थितियों में प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका की भी सराहना की, जो जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी हितधारक आपसी सहयोग और सम्मान की भावना से कार्य करेंगे, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।