जम्मू में ई-रिक्शा और ऑटो के लिए कलर-ज़ोन सिस्टम लागू, 23 अक्तूबर से प्रभावी होंगे नए ट्रैफिक नियम

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जम्मू, 11 अक्तूबर::जम्मू शहर में बढ़ते ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन पर नियंत्रण पाने के लिए जिला विकास आयुक्त जम्मू डॉ. राकेश मिन्हास (आईएएस) ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलर-ज़ोन सिस्टम की घोषणा की। यह व्यवस्था 23 अक्तूबर 2025 से लागू होगी।

डॉ. मिन्हास ने एसएसपी ट्रैफिक फारूक कैसर और एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह निर्णय परिवहन और ई-रिक्शा यूनियनों की सहमति से लिया गया है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

इस नई व्यवस्था के तहत जम्मू जिले को छह रंग-आधारित परिचालन क्षेत्रों (ज़ोन्स) में विभाजित किया गया है—

ज़ोन-1 (गुलाबी): ट्रैफिक सिटी साउथ जम्मू

ज़ोन-2 (नीला): ट्रैफिक सिटी नॉर्थ जम्मू

ज़ोन-3 (पीला): अखनूर (ग्रामीण)

ज़ोन-4 (लाल): आर.एस.पुरा (ग्रामीण)

ज़ोन-5 (हरा): मरह (ग्रामीण)

ज़ोन-6 (काला): नगरोता (ग्रामीण)

 

प्रत्येक ई-रिक्शा, ई-ऑटो और ई-कार्ट को अपने ज़ोन के अनुसार रंग-कोडेड प्लेट आगे और पीछे लगानी होगी। यह कार्य आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। तय समय सीमा के बाद बिना प्लेट के पाए जाने वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दंडित किया जाएगा।

 

डीसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग या राज्य राजमार्ग पर ई-रिक्शा या ई-ऑटो का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, क्योंकि ये धीमी गति वाले वाहन हैं और उच्च गति मार्गों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

 

हालांकि, प्रशासन ने नियंत्रित आवागमन के लिए सात सुरक्षित क्रॉसिंग्स को मंजूरी दी है, जिनमें अंपल्ला हॉस्पिटल, बक्शी नगर, केसी थियेटर, होटल एशिया, शास्त्री नगर, मार्बल मार्केट और कुंजवानी क्रॉसिंग शामिल हैं।

 

बाहर जिलों में पंजीकृत ई-रिक्शा और ई-ऑटो को जम्मू शहर की सीमा में चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए संयुक्त प्रवर्तन टीमें (ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ जम्मू और तहसीलदारों के अधिकारी) गठित की जाएंगी, जो अतिक्रमण, अधिक किराया वसूली और बिना पंजीकरण संचालन पर सख्त कार्रवाई करेंगी।

 

यह व्यवस्था तीन माह की परीक्षण अवधि के लिए लागू की जा रही है, जिसके बाद समीक्षा की जाएगी।

 

डॉ. मिन्हास ने कहा कि “ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ने ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को जन्म दिया है। यह कलर-ज़ोन व्यवस्था शहर में अनुशासन, सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बहाल करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”

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