छात्रों को सम्मानित कर डोगरा सदर सभा ने किया पर्यावरण चेतना का विस्तार
डोगरा सदर सभा ने युवाओं को दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
जम्मू, 1 अगस्त 2025:
डोगरा सदर सभा द्वारा ‘विश्व स्तर पर स्वस्थ पर्यावरण’ के संकल्प को लेकर युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह डोगरा हायर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर; रिच हार्वेस्ट स्कूल, बारी ब्राह्मणा और डोगरा ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस समारोह का आयोजन उन विद्यार्थियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया जिन्होंने 5 मई को प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले डोगरा सदर सभा के “आओ पक्षियों को पानी पिलाएं” अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अर्विंदर सिंह अम्न, पूर्व अतिरिक्त सचिव, जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी तथा अतिरिक्त महासचिव, डोगरा सदर सभा थे। श्री गम्भीर देव सिंह चरक, उपाध्यक्ष, डोगरा सदर सभा ने अध्यक्षता की और श्री नरेंद्र सिंह जम्वाल, वित्त सचिव, सभा के विशिष्ट अतिथि रहे।
इस अवसर पर रिच हार्वेस्ट स्कूल की निदेशक श्रीमती रूचि चरक, प्राचार्य अनिता भाटिया, डोगरा एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव डॉ. समर देव सिंह चरक, समन्वयक श्रीमती गीतिका सहगल, डोगरा लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव और डोगरा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. अम्न ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी और आशा जताई कि छात्र-छात्राएं भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण हेतु सक्रिय योगदान देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि “पक्षियों को पानी पिलाना, जल संरक्षण और प्रकृति की रक्षा करना ही सच्ची पूजा है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री गम्भीर देव सिंह चरक ने कहा कि छात्रों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रहकर समाज, पशु-पक्षियों और पर्यावरण की रक्षा की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने बताया कि डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष ठाकुर गुलचैन सिंह चरक के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से यह आयोजन सफल रहा।
कार्यक्रम में कविता पाठ, पोस्टर मेकिंग, और स्लोगन लेखन में भाग लेने वाले छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह का संचालन श्रीमती अशीमा, सीनियर विंग कोऑर्डिनेटर ने किया और श्रीमती रूचि चरक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
अंत में डोगरा सदर सभा द्वारा डॉ. समर देव सिंह चरक को एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया।