**एल-जी विनय कुमार सक्सेना ने केबीआर एयरपोर्ट लेह के नए टर्मिनल भवन की प्रगति की समीक्षा की**

**कहा—नया टर्मिनल लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देगा, जुलाई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश**

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लेह, 09 अप्रैल: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने आज कुशोक बकुला रिनपोछे हवाई अड्डे का दौरा कर ₹640 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन की प्रगति की समीक्षा की।

उपराज्यपाल ने नए टर्मिनल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें बैगेज कैरोसेल, प्रतीक्षा कक्ष, सार्वजनिक सुविधाएं और पार्किंग व्यवस्था शामिल हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि लगभग 19,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह अत्याधुनिक टर्मिनल तीन मंजिला संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 20 चेक-इन काउंटर, इनलाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, 700 किलोवाट पीक क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम, दो आगमन कैरोसेल, 15 लिफ्ट और 12 एस्केलेटर शामिल हैं। दूसरे चरण में पुराने टर्मिनल भवन को हटाकर एप्रन, चार अतिरिक्त विमान बे और तीन एयरोब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि चार नए बे जुड़ने से हवाई अड्डे की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और यहां प्रतिदिन 18 उड़ानों की तुलना में 54 उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। यह टर्मिनल सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जबकि पीक समय में प्रति घंटे 2000 यात्रियों (1000 आगमन और 1000 प्रस्थान) को संभाल सकेगा।

परियोजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि देश में पहली बार बड़े स्तर पर जियोथर्मल तकनीक आधारित ग्रेडिएंट फ्लोर हीटिंग प्रणाली लागू की जा रही है। साथ ही, सौर ऊर्जा जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

यह भी बताया गया कि परियोजना की समय-सीमा में संशोधन किया गया है और अब इसके अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि नया टर्मिनल लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, खासकर उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए अधिकारियों को अतिरिक्त जनशक्ति लगाकर कार्य में तेजी लाने और जुलाई 2026 तक इसे पूरा करने के निर्देश दिए।

श्री सक्सेना ने अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के उपयोग की सराहना की, विशेष रूप से जियोथर्मल ऊर्जा और सौर ऊर्जा के प्रयोग की। उन्होंने स्थानीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन—जैसे प्रार्थना चक्र, स्तूप और सांस्कृतिक थीम वाले आगमन-प्रस्थान द्वार—को भी सराहा, जो यात्रियों को लद्दाख की समृद्ध विरासत का अनुभव कराएंगे।

उपराज्यपाल ने परियोजना को शीघ्र चालू करने और उड़ानों के विस्तार के लिए प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह उन्नत बुनियादी ढांचा लद्दाख को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर भी पैदा करेगा।

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