अदालत ने रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के लिए पूर्व ग्रामीण विकास इंजीनियर को सात साल की जेल की सजा सुनाई
पुलवामा, 23 अक्टूबर । भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायाधीश, पुलवामा, डॉ. नूर मोहम्मद मीर ने ग्रामीण विकास विभाग के एक पूर्व कनिष्ठ अभियंता को 25 साल पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले में सरकारी सेवा अभिलेखों में छेड़छाड़ करने का दोषी ठहराया और उसे सात की साल जेल की सजा सुनाई।
तत्कालीन सतर्कता संगठन कश्मीर (अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा एफआईआर संख्या 24/2000 के तहत दर्ज किया गया यह मामला, आरोपी की सेवा अवधि को अवैध रूप से बढ़ाने के लिए उसकी सेवा पुस्तिका और जन्मतिथि में हेरफेर करने से संबंधित था। दो दशकों से ज्यादा समय तक चली विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और उसे सात साल की कैद की सज़ा सुनाई। अदालत ने सरकार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 3,52,760 का जुर्माना भी लगाया।
यह दोषसिद्धि रणबीर दंड संहिता की धारा 420, 467 और 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5 और 2 के तहत दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला न्यायपालिका और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के भ्रष्टाचार और आधिकारिक अधिकारों के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है।