एल-जी विनय कुमार सक्सेना ने आर्यन वैली के दरचिक में खुबानी पुष्पोत्सव (एप्रिकॉट ब्लॉसम–चुली मेंडोक फेस्टिवल) का उद्घाटन किया
विविधता में एकता और साझा राष्ट्रीय पहचान पर जोर दिया
लेह, 11 अप्रैल: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आज आर्यन वैली के दरचिक में एप्रिकॉट ब्लॉसम–चुली मेंडोक फेस्टिवल का उद्घाटन किया। यह उत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और जीवंत परंपराओं का प्रतीक है।
उपराज्यपाल और प्रथम महिला श्रीमती संगीता सक्सेना का दरचिक पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
सभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने आर्यन वैली और वहां के लोगों की अद्भुत सुंदरता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुछ स्थान इतने सुंदर होते हैं कि उन्हें शब्दों में बयान करना मुश्किल होता है, और दरचिक ऐसा ही एक स्थान है। उन्होंने बर्फ से ढके पहाड़ों, स्वच्छ वातावरण और लोगों की सादगी की सराहना करते हुए लद्दाख को “देश का ताज” बताया।
भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उत्सव में प्रस्तुत नृत्यों में देश के विभिन्न हिस्सों जैसे गुजराती और दक्षिण भारतीय शैली की झलक दिखाई दी, फिर भी वे स्थानीय परंपराओं से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि यही भारत की पहचान है, जहां विविधता के बीच एकता बनी रहती है और हर संस्कृति में एक साझा राष्ट्रीय भावना दिखाई देती है।
उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें लद्दाख के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन जनता के विकास और कल्याण के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य करता रहेगा।
उत्सव में मौजूद बड़ी संख्या में पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्होंने उनसे अपील की कि वे लद्दाख की अनोखी सुंदरता, शांत वातावरण और मेहमाननवाजी के अपने अनुभव दूसरों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और संतुष्टि सुनिश्चित करना प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लद्दाख न केवल भारत बल्कि दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
उपराज्यपाल ने सतत और समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि स्थानीय समुदायों को भी इसका लाभ मिल सके और क्षेत्र की सांस्कृतिक व पर्यावरणीय पहचान बनी रहे।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों के स्टॉल का भी दौरा किया। उन्होंने भारतीय सेना की “ऑपरेशन सद्भावना” पहल के तहत स्थापित दरचिक सांस्कृतिक केंद्र का भी निरीक्षण किया और दूरदराज क्षेत्रों में संस्कृति संरक्षण और सामुदायिक विकास के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की।