**मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में बीआईसैग-एन समर्थित ई-गवर्नेंस पहलों की समीक्षा की**
जम्मू, 09 अप्रैल: मुख्य सचिव अतल डुल्लू ने आज जम्मू-कश्मीर में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईसैग-एन) के सहयोग से लागू की जा रही प्रमुख ई-गवर्नेंस और डिजिटल परिवर्तन पहलों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में सचिव आईटी डॉ. पियूष सिंगला, बीआईसैग-एन के विशेष महानिदेशक विनय ठाकुर के अलावा संबंधित प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक एजेंसियां उपस्थित थीं।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों में विकसित किए जा रहे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की प्रगति की व्यापक समीक्षा की, जिनका उद्देश्य शासन की दक्षता बढ़ाना और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाना है। उन्होंने बीआईसैग-एन से इन प्लेटफॉर्म्स की तैयारियों का विस्तृत प्रत्यक्ष आकलन मांगा और विभागों को इनके समयबद्ध क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
डॉ. पियूष सिंगला ने बैठक को विभिन्न विभागों में चल रही और आगामी डिजिटल पहलों की समग्र स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने पूर्ण हो चुके प्लेटफॉर्म्स और उनके लाभों—जैसे पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण—पर प्रकाश डाला।
विभागवार प्रस्तुति देते हुए बीआईसैग-एन ने पिछले कुछ वर्षों में की गई पहलों की जानकारी साझा की। विशेष महानिदेशक विनय ठाकुर ने इन पहलों को अधिक परिणामोन्मुख और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा विभागों को बीआईसैग-एन के साथ निरंतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने की सलाह दी।
बैठक में जिन प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की समीक्षा की गई, उनमें वित्त विभाग का एआई आधारित जीएसटी धोखाधड़ी पहचान प्रणाली तथा विद्युत विकास विभाग के तहत डिस्कॉम्स के लिए एंड-टू-एंड एनर्जी ट्रैकिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (ईईटीएमएस) शामिल हैं। इसके अलावा कृषि उत्पादन विभाग द्वारा विकसित जेकेसीआईपी, किसान खिदमत घर, दक्ष किसान मोबाइल ऐप और किसान साथी पोर्टल में किए गए सुधारों की भी समीक्षा की गई।
पर्यटन विभाग के वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन, जिसमें बीआईसैग-एन की जीपीयू संरचना से समर्थित एआई आधारित चैटबॉट शामिल है, पर भी चर्चा की गई, विशेष रूप से उपयोगकर्ता सहभागिता और सेवा वितरण क्षमता के संदर्भ में।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत सभी 78 शहरी स्थानीय निकायों में बेघर और भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान के लिए तैयार सर्वे एप्लिकेशन की भी समीक्षा की गई। राजस्व विभाग की डिजिटलीकरण पहलों, जैसे लेगेसी जमाबंदी विज़ुअलाइजेशन और ऑनलाइन म्यूटेशन मॉड्यूल में हुई प्रगति को भी सराहा गया।
मुख्य सचिव ने हाल ही में शुरू किए गए सिंगल विंडो फॉर रिक्रूटमेंट रूल्स (एसडब्ल्यूआरआर-जेके) को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि कार्य प्रणाली सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए भी इसी प्रकार की डिजिटल प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में जेके समाधान पोर्टल के उन्नयन पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि इसे केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली के साथ सहज रूप से जोड़ा जा सके और जिला एवं विभागीय स्तर पर शिकायत निवारण की समय-सीमा की निगरानी को सुदृढ़ किया जा सके।
गृह विभाग ने बैठक को एक एआई आधारित सर्च इंजन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी, जो जांच अधिकारियों को विशेष रूप से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट के तहत आरोप पत्र तैयार करने में सहायता करेगा और जल्द ही शुरू किया जाएगा।
अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स में जेके सेहत मोबाइल ऐप, जल शक्ति मोबाइल ऐप, जम्मू-कश्मीर पीडब्ल्यूडी एसेट मैपिंग एप्लिकेशन, जम्मू-कश्मीर इंडस्ट्रियल मोबाइल ऐप, एमएसएमई हेल्थ क्लिनिक ऐप, जिला सुशासन सूचकांक प्लेटफॉर्म, योजना विभाग का ग्राम योजना पोर्टल, एसआरटीसी डेटा का डिजिटलीकरण और जम्मू-कश्मीर आंगनवाड़ी ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं।
सरकार की तकनीक आधारित सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इन पहलों के कार्यान्वयन में तेजी लाने, विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नागरिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए इन डिजिटल पहलों के अधिकतम प्रभाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।