**सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें**
पिछले सप्ताह की घटना, जिसमें कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोर्टलों ने पाम आइलैंड मॉल में तीन आतंकियों की मौजूदगी की फर्जी खबर साझा की, इस शक्तिशाली माध्यम के गैर-जिम्मेदाराना उपयोग का एक चौंकाने वाला उदाहरण है। इस तरह की लापरवाही समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हालांकि, इस मामले में तुरंत कार्रवाई की गई और जम्मू पुलिस ने इन खबरों का खंडन करते हुए आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की तथा मीडिया संस्थानों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने का अनुरोध किया, क्योंकि अपुष्ट खबरें अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती हैं।
पुलिस द्वारा जारी बयान में स्पष्ट कहा गया कि ये रिपोर्ट पूरी तरह निराधार हैं। मौके पर मौजूद पुलिस टीमों ने जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया। ऐसे गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोर्टलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना जरूरी हो गया है। साथ ही, लोगों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे केवल सरकारी स्रोतों, विश्वसनीय पोर्टलों और प्रिंट मीडिया पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्यक्तिगत अकाउंट्स की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण बिना सत्यापन के वीडियो और खबरें साझा करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।
इस मामले में पुलिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे अफवाहें फैलाने से बचें और जिम्मेदारी का परिचय दें, क्योंकि इस तरह की अपुष्ट खबरें समाज में डर और भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं। यह आश्चर्यजनक है कि जब पुलिस ने 24 घंटे उपलब्ध कंट्रोल रूम और अन्य संपर्क माध्यम उपलब्ध कराए हैं, तब भी बिना पुष्टि किए ऐसी खबरें प्रसारित करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि कानून के खिलाफ भी है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि फर्जी खबरें साझा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यह भी चिंताजनक है कि कुछ व्यक्ति और संगठन जल्दी से जल्दी खबर साझा करने की होड़ में बिना जांचे-परखे और मनगढ़ंत खबरें प्रसारित कर देते हैं, जिससे समाज में अव्यवस्था फैलती है। आज के दौर में, जब डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग बढ़ रहा है, तब सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को बिना सोचे-समझे साझा करना बिल्कुल उचित नहीं है। सोशल मीडिया पोर्टलों को चाहिए कि वे सामग्री साझा करने से पहले उसकी पुष्टि के लिए एक टीम नियुक्त करें।
अंततः, सोशल मीडिया का समझदारी से उपयोग लोगों को जोड़ने और जागरूक करने का माध्यम बन सकता है, लेकिन इसका दुरुपयोग शांति और व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, हर व्यक्ति को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए और ऑनलाइन कुछ भी पोस्ट या साझा करने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए।