जम्मू-कश्मीर सरकार के कर्मचारियों के लिए मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 25 लाख की गई
जम्मू, 18 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू कश्मीर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत नियमित वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (डीसीआरजी) की अधिकतम सीमा 1 जनवरी, 2024 से 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। यह वृद्धि महंगाई भत्ता (डीईआरजी) के मूल वेतन के 50% तक पहुंचने के बाद की गई है।
वित्त के प्रधान सचिव द्वारा जारी स्पष्टीकरण परिपत्र में कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा विनियम, खंड 1 के अनुच्छेद 240-बीबी के नीचे नोट 8 की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसे एसआरओ-194 दिनांक 24.04.2018 के माध्यम से जोड़ा गया था। इसमें यह प्रावधान है कि जब भी महंगाई भत्ता मूल वेतन के 50% तक बढ़ता है तो मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में 25% की वृद्धि होगी।
दिनांक 21.05.2024 के सरकारी आदेश संख्या 178-एफ के अनुसार यह आदेश दिया गया था कि 7वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अंतर्गत नियमित वेतनमानों पर कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को 01.01.2024 से मूल वेतन के 50% की संशोधित दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। वित्त विभाग को 01.01.2024 से महंगाई भत्ता 50% तक पहुंचने के परिणामस्वरूप मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में वृद्धि के संबंध में स्पष्टीकरण हेतु अनुरोध प्राप्त हुए हैं। मामले की जांच की गई है और यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी प्रदान करने वाले नियमों के तहत निर्धारित अन्य शर्तों के अधीन रहते हुए मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को मौजूदा सीमा से 25% बढ़ाकर यानी 20.00 लाख रुपये (20 लाख रुपये) से बढ़ाकर 25.00 लाख रुपये (25 लाख रुपये) कर दिया जाएगा जो 01.01.2024 से प्रभावी होगा, जिस तारीख को महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50% हो गया था।