जम्मू और कश्मीर में केसर का उत्पादन 2024-25 में गिरकर 19.58 मीट्रिक टन हुआ

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जम्मू, 18 फरवरी (हि.स.)। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में केसर का उत्पादन 2023-24 में 23.53 मीट्रिक टन से घटकर 2024-25 में 19.58 मीट्रिक टन हो गया है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हसनैन मसूदी द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में केसर की खेती का कुल क्षेत्रफल 1,116.27 हेक्टेयर पर स्थिर रहा है लेकिन उत्पादन और उत्पादकता में उतार-चढ़ाव आया है।

सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार केसर का उत्पादन 2020-21 में 17.33 मीट्रिक टन था जो 2021-22 में गिरकर 14.87 मीट्रिक टन और 2022-23 में 14.94 मीट्रिक टन हो गया, जो 2023-24 में 23.53 मीट्रिक टन की तेज वृद्धि दर्ज करने से पहले था।

इसमें कहा गया है कि 2024-25 में यह फिर से घटकर 19.58 मीट्रिक टन रह गया।

इसमें कहा गया है कि पारंपरिक और पुनर्जीवन संयुक्त रूप से औसत उत्पादकता 2022-23 में 4.02 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 6.33 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई, लेकिन 2024-25 में घटकर 5.27 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई।

उन्होंने आगे कहा कि 2024-25 के दौरान केसर का निर्यात 17.82 मीट्रिक टन दर्ज किया गया जो पिछले वर्ष 20.47 मीट्रिक टन से कम है।

उन्होंने कहा कि वर्ष के दौरान केसर उत्पादन का मूल्य 534.53 करोड़ रुपये था, जबकि निर्यात आय 486.43 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

पारंपरिक (गैर-पुनर्जीवित) केसर क्षेत्रों का विवरण प्रदान करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2024-25 में इन क्षेत्रों से उत्पादन 5.02 मीट्रिक टन था, जिसमें प्रति हेक्टेयर 4.5 किलोग्राम की उत्पादकता थी।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पारंपरिक क्षेत्रों से उत्पादन 5.44 मीट्रिक टन था और उत्पादकता 4.87 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी।

उन्होंने कहा कि बेहतर कृषि संबंधी प्रथाओं और कायाकल्प उपायों के माध्यम से केसर की उत्पादकता को स्थिर और बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जम्मू और कश्मीर में केसर का उत्पादन 2024-25 में गिरकर 19.58 मीट्रिक टन हो गया

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