आतंकवादी हैंडलर मुश्ताक अहमद खान द्वारा संचालित एक नार्काे-टेरर मॉड्यूल से संबंधित एक मामले में एसआईए ने किया आरोप पत्र दायर

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श्रीनगर, 8 नवंबर (हि.स.)। अपने अथक प्रयासों के क्रम में राज्य जाँच एजेंसी (एसआईए) कश्मीर ने शनिवार को तहरीक-उल-मुजाहिदीन (टीयूएम) के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हैंडलर मुश्ताक अहमद खान उर्फ खालिद भाई द्वारा संचालित एक नार्काे-टेरर मॉड्यूल से संबंधित एक मामले में आरोप पत्र दायर किया।

एजेंसी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश (एनआईए अधिनियम के तहत नामित), श्रीनगर की अदालत में परिम्पोरा पुलिस स्टेशन (अब एसआईए कश्मीर) की एफआईआर संख्या 03/2025 के तहत दायर किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 (2) और एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8, 21 और 29 के साथ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 के तहत सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। ये आरोपी हैं अनस ऐजाज पुत्र ऐजाज अहमद अवान निवासी दिलधर तंगधार कुपवाड़ा, जाहिद अहमद शेख पुत्र नजीर अहमद शेख निवासी चिन्नीपोरा बाला तंगधार और तंजीर अहमद नज़र पुत्र मुहम्मद सैयद नज़र निवासी सुधपोरा करनाह, बिलाल शबीर अवान पुत्र शबीर अहमद अवान निवासी दिलादर तंगधार (वर्तमान में फरार), मुश्ताक अहमद खान पुत्र गुलज़ार अहमद खान निवासी ट्रमनार्ड बटपोरा कुपवाड़ा जो वर्तमान में पाकिस्तान से सक्रिय है और बासित अशरफ मलिक पुत्र मोहम्मद अशरफ मलिक निवासी नौपोरा सफाकदल श्रीनगर और अरसलान मुश्ताक बांगरी पुत्र मुश्ताक अहमद बांगरी निवासी नौहट्टा श्रीनगर शामिल है।

यह मामला इस साल 6 जनवरी को पारिमपोरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था जब पारिमपोरा श्रीनगर के पास नाका चेकिंग के दौरान एक वाहन (टाटा सूमो जेके05डी-1837) से 9 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई थी। वाहन अनस एजाज चला रहा था जिसके साथ जाहिद अहमद शेख भी था, दोनों करनाह कुपवाड़ा के रहने वाले हैं। प्रवक्ता ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में मामले को जांच के लिए एसआईए कश्मीर को सौंप दिया गया।

बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान एसआईए ने एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों/आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। यह खतरनाक नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाया गया जिसका उद्देश्य इन नशीले पदार्थों की बिक्री के माध्यम से आतंकवाद को बनाए रखने के लिए धन जुटाना था।

इसमें आगे कहा गया है कि नशीले पदार्थों से प्राप्त आय का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करना था। प्रवक्ता ने कहा कि इस आरोपपत्र का दाखिल होना घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के उद्देश्य से सीमा पार से दुश्मन द्वारा प्रचारित नशीले पदार्थों-आतंकवादी मॉड्यूल को खत्म करने की दिशा में एसआईए द्वारा उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।

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