दरबार मूव को खत्म करने के फैसले से जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक एकता को गहरा आघात पहुँचा- मुख्यमंत्री उमर

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श्रीनगर, 1 नवंबर । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को उपराज्यपाल प्रशासन पर सदियों पुरानी दरबार मूव को रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक एकता को गहरा आघात पहुँचा है। श्रीनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उमर ने लोगों को याद दिलाया कि उनकी सरकार ने ही इस अर्धवार्षिक प्रथा को बहाल किया था और इसे जम्मू और श्रीनगर के बीच समझ का पुल बताया।

उमर ने पूछा कि दरबार मूव को बंद करने की क्या मजबूरी थी। यह परंपरा शेख अब्दुल्ला या मेरी विरासत नहीं है। यह 1947 से पहले, आज़ादी से भी पहले से मौजूद थी। जब मैंने देखा कि जम्मू शहर के साथ अन्याय हुआ है तो मैंने दरबार मूव को फिर से स्थापित किया और उस अन्याय को दूर किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दरबार मूव को रद्द करने वालों ने क्षेत्रों को भावनात्मक और आर्थिक रूप से विभाजित कर दिया। उन्होंने कहा कि दरबार मूव राजनीति का नहीं बल्कि एकता का प्रतीक था। इसने सुनिश्चित किया कि दोनों राजधानियाँ प्रशासनिक महत्व और विकास साझा करें। इसे समाप्त करके उन्होंने उस बंधन को तोड़ दिया।

उमर ने स्पष्ट किया कि दरबार मूव को बहाल करने का उनका निर्णय निष्पक्षता पर आधारित था न कि राजनीतिक लाभ पर। उन्होंने कहा कि अगर मुझे धर्म या क्षेत्र के आधार पर फैसला करना होता तो मैं जम्मू में अपना कार्यालय नहीं खोलता, मैंने वहाँ से चुनाव भी नहीं जीता। लेकिन मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं न्याय में विश्वास करता हूँ, विभाजन में नहीं।

श्रीनगर के विकास में ठहराव की ओर ध्यान दिलाते हुए उमर ने एक के बाद एक सरकारों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद अन्याय और उपेक्षा का बोलबाला रहा। अगर मैं गिनना शुरू करूँ तो हम सारा दिन यहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी 2015 के बाद श्रीनगर को कौन सी नई परियोजना मिली सौंदर्यीकरण, बुनियादी ढाँचे, यातायात प्रबंधन या बाढ़ नियंत्रण में। कुछ भी नहीं है। सब कुछ वहीं रुका हुआ है जहाँ 2014 में था।

उन्होंने अपनी बात के समर्थन में कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि हमने 2011 में जिस पुल का निर्माण शुरू किया था उसे पूरा होने में 15 साल लग गए क्योंकि 2014 के बाद काम बंद हो गया। उससे पहले मेरी सरकार ने बुलेवार्ड पर यातायात का दबाव कम करने के लिए एक परियोजना शुरू की थी लेकिन हमारे जाने के बाद वह सिर्फ़ कागज़ों तक ही सीमित रह गई।

अपनी सरकार के हालिया प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उमर ने कहा कि गुल-ए-दाऊद गार्डन – गुलदाउदी गार्डन सिर्फ़ नौ महीनों में बनकर तैयार हो गया। उन्होंने कहा कि क्या यह पिछले नौ सालों में नहीं हो सकता था। बीस सालों में सिर्फ़ दो गार्डन बने – आज़ाद साहब द्वारा ट्यूलिप गार्डन और अब हमारे द्वारा गुल-ए-दाऊद गार्डन।

शहर में आवास की कमी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही घर में तीन से पाँच परिवार एक साथ रहते हैं। दशकों बाद एक नई आवासीय कॉलोनी बनकर तैयार हुई है और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए बेमिना में जल्द ही काम शुरू होगा।

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