भारतीय भाषाएं ही देश की एकता की सशक्त कड़ी: मनोज सिन्हा
वाराणसी, 13 सितंबर । भाषावार प्रांतों में विभाजित होने के बावजूद भारत की आत्मा एक है। यही संदेश कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक सूत्र में पिरोने वाले भारतीय भाषा समागम 2025 में गूंजा। समागम में जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। भारतीय भाषाएं ही देश की एकता की सशक्त कड़ी हैं, जो हमें विविधता में भी एकता का बोध कराती हैं।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी काशी (वाराणसी) में हिन्दुस्थान समाचार समूह की ओर से शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में भारतीय भाषा समागम 2025 का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय “पंच प्रण : स्वभाषा और विकसित भारत” रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन में देशभर की भाषाओं, बोलियों और लोक संस्कृतियों की रंगारंग छटा दिखी। समागम में 22 भारतीय भाषाओं के विद्वानों को भारतीय भाषा सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दुस्थान समाचार समूह के अध्यक्ष अरविंद भालचंद्र मार्डीकर ने की। संचालन हिन्दुस्थान समाचार के सम्पादक जितेंद्र तिवारी ने किया। स्वागत निदेशक प्रदीप मधोक ‘बाबा’ ने किया।