विधायकों पर पीएसए लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला : महबूबा मुफ्ती
- स्पीकर से विधानसभा सत्र बुलाना का किया आग्रह
श्रीनगर, 13 सितंबर । पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को डोडा विधायक मेहराज मलिक को जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिए जाने की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं पर हमला बताया। साथ ही उन्होंने स्पीकर से तुरंत विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार को किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को जेल में डालने के बजाय विधायी प्रक्रियाओं के माध्यम से इस मामले को सुलझाना चाहिए था। महबूबा ने कहा कि किसी विधायक पर पीएसए लगाना अस्वीकार्य है। स्पीकर को एक आपातकालीन विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए था, इस मामले पर बहस करनी चाहिए थी और दिल्ली भेजने के लिए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए था। लोकतंत्र इसी तरह काम करता है।
उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक मंचों को दरकिनार करने और असहमति को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीडीपी के साथ आपको जो भी राजनीतिक हिसाब-किताब करना है, खुलकर करें, लेकिन निर्वाचित नेताओं को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना सरासर अन्याय है।
कानूनी सहायता प्रदान करने संबंधी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा कि कानूनी सहायता उन कैदियों को दी जानी चाहिए जिनके परिवारों के पास कोई संसाधन नहीं हैं, न कि किसी ऐसे विधायक को जिसके पास अपना बचाव करने के साधन है। उन्होंने जम्मू में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह को नजरबंद किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी देरी के विधानसभा सत्र बुलाया जाना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए और मलिक की रिहाई की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।