मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की स्थिति की समीक्षा की
नई दिल्ली 03 सितंबर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात बैठक बुलाकर जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से उत्पन्न हालात की समीक्षा की।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार नसीर असलम वानी ने उन्हें कश्मीर घाटी की ताज़ा स्थिति की जानकारी दी, वहीं मंत्री जावेद अहमद राणा और सतीश शर्मा ने जम्मू संभाग की स्थिति, जिसमें अचानक आई बाढ़, सड़क अवरोध तथा नदी किनारे और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में बसे संवेदनशील बस्तियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि ज़मीनी प्रतिक्रिया को और मज़बूत किया जाए, जलभराव वाले क्षेत्रों को तुरंत साफ़ किया जाए, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील इलाक़ों में रहने वाले निवासियों की समय पर निकासी की जाए।
उन्होंने मंडल और ज़िला प्रशासन को आपदा प्रबंधन एजेंसियों, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ निकट तालमेल रखने और हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में राशन, ईंधन, दवाइयों और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए तथा आपातकालीन चिकित्सा दल हर समय तैयार रहें।
मुख्यमंत्री झेलम और इसकी सहायक नदियों में जल स्तर बढ़ने, बिजली एवं पानी की आपूर्ति, सड़क संपर्क की स्थिति की प्रति घंटा जानकारी ले रहे हैं और उन्होंने संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि आम जनता को समय से पहले किसी भी संभावित स्थिति के बारे में चेतावनी दी जाए और प्रशासन लोगों को तत्काल सहायता एवं मदद उपलब्ध कराए।
जन सहयोग की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें, असुरक्षित क्षेत्रों से दूर रहें और आपात स्थिति तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हालात पर कड़ी नज़र रखे हुए है और लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा “हमारे नागरिकों की सुरक्षा और कुशलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं जनता से अपील करता हूँ कि सतर्क रहें, प्रशासन का सहयोग करें। हम सब मिलकर इस चुनौती का सामना करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमित अपडेट देने के निर्देश दिए और पुनः आश्वस्त किया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और राहत हेतु हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।