भारी बारिश के बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
श्रीनगर, 08 जुलाई: जम्मू–कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा मौसम की वजह से विशेष रूप से चिनाब घाटी और कठुआ के कुछ क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियां पैदा हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मौसम के कारण हमें कुछ इलाकों, विशेषकर चिनाब घाटी और कठुआ में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गृह मंत्री ने फोन कर स्थिति की जानकारी ली और मैंने उन्हें पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में केंद्र सरकार की किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो केंद्र हरसंभव मदद के लिए तैयार है।“
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर भारी वर्षा से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण चिनाब घाटी में अचानक आई बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ। डोडा जिले में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ, जबकि किश्तवाड़ जिले की 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची।
डोडा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-244 पर प्रेमनगर के पास बाढ़ का पानी और मलबा आने से मार्ग बंद हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंस गए। प्रशासन ने मार्ग बहाल करने के लिए तत्काल राहत एवं सफाई कार्य शुरू किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के हाईवे मैनेजर सनी पाधा ने बताया कि प्रेमनगर में स्थिति बेहद गंभीर थी और सड़क को खोलने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा, “यह घटना प्रेमनगर में कालका माता मंदिर के पास हुई। सुबह मुझे सूचना मिली कि मेरा वाहन वहां खड़ा है। जब मैं मौके पर पहुंचा तो हालात बेहद भयावह थे। भारी बाढ़ आई हुई थी और उसका वीडियो भी मेरे पास है। चूंकि मैं इस क्षेत्र का हाईवे मैनेजर हूं, इसलिए मैंने तुरंत एक एक्सकेवेटर और जेसीबी मशीन मौके पर भेजी। इसके बाद यातायात बहाल किया गया, लेकिन सुबह की बाढ़ का दृश्य शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।“
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने का असर वार्षिक माछैल यात्रा पर भी पड़ा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से मार्ग सुरक्षित घोषित होने तक इस रास्ते का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है।