ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथ मामले में एनआईए की नौ राज्यों में 20 स्थानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 08 जुलाई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथ से जुड़े एक मामले में नौ राज्यों के 20 स्थानों पर छापेमारी की। यह मामला भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक ‘जिहाद’ के जरिए इस्लामिक राज्य स्थापित करने तथा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों आईएसआईएस और एक्यूआईएस की विचारधारा को बढ़ावा देने से संबंधित है।
20 स्थानों में उत्तर प्रदेश के पांच, आंध्र प्रदेश के चार, महाराष्ट्र के तीन, दिल्ली के दो तथा बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई। यह कार्रवाई मामले (आरसी-01/2026/एनआईए/वीएसकेपी) की जांच के तहत की गई।
एनआईए के अनुसार, तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कर मामले से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जाएंगे।
एनआईए की विशाखापत्तनम शाखा ने इस वर्ष 13 मई को विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मूल रूप से विजयवाड़ा पुलिस ने मार्च में मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर पर छापेमारी के बाद मामला दर्ज किया था। तलाशी के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठनों एक्यूआईएस (अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट) और आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।
एनआईए ने बताया कि बुधवार को जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनका चयन पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के तकनीकी विश्लेषण, गिरफ्तार आरोपियों की संपर्क श्रृंखला तथा जांच में मिले अन्य तथ्यों के आधार पर किया गया।
एजेंसी देश को अस्थिर कर ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी और उनके सहयोगी हिंसक जिहादी सामग्री तथा भ्रामक सूचनाओं के जरिए देशभर के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहे थे। एनआईए के अनुसार आरोपी अपने विदेशी संचालकों के संपर्क में रहकर जिहादी विचारधारा का प्रचार और भारत विरोधी साजिश को आगे बढ़ा रहे थे।