सतीश शर्मा ने जम्मू-कश्मीर में संतुलित और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
श्रीनगर, 8 मई: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, परिवहन, युवा सेवा एवं खेल, सूचना प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा ने आज कश्मीर संभाग के परिवहन संघों और यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ एक व्यापक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में परिवहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और जम्मू-कश्मीर में संतुलित, टिकाऊ तथा जनकेंद्रित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में परिवहन सचिव, श्रीनगर नगर निगम आयुक्त, परिवहन आयुक्त, परिवहन विभाग के वित्त निदेशक, अतिरिक्त सचिव, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कश्मीर, संयुक्त निदेशक योजना एवं सांख्यिकी सहित विभिन्न परिवहन संघों और यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान परिवहन संगठनों के प्रतिनिधियों ने निजी परिवहन क्षेत्र के सामने आ रही विभिन्न मांगों, शिकायतों और परिचालन संबंधी समस्याओं को उठाया। सार्वजनिक परिवहन संचालन, स्मार्ट सिटी बस सेवाएं, जम्मू-कश्मीर आरटीसी संचालन, यातायात प्रबंधन, परिवहन नियमों और निजी परिवहन संचालकों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधियों ने जम्मू-कश्मीर में मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए बसों की प्रस्तावित खरीद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकारी मुफ्त परिवहन सेवाओं का बड़े स्तर पर विस्तार संतुलित तरीके से किया जाना चाहिए ताकि निजी परिवहन संचालकों की आजीविका और कार्यप्रणाली प्रभावित न हो। उन्होंने स्मार्ट सिटी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा के कारण निजी परिवहन सेवाओं की आर्थिक स्थिति और स्थिरता पर पड़ रहे प्रभाव का भी उल्लेख किया।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के बाहर पंजीकृत वाहनों के संचालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधियों ने मांग की कि बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहनों के अनधिकृत संचालन पर मौजूदा कानूनों के अनुसार सख्त नियंत्रण लगाया जाए, ताकि स्थानीय परिवहन संचालकों के हितों की रक्षा हो सके।
परिवहन प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि स्मार्ट सिटी बसें केवल श्रीनगर नगर निगम की निर्धारित सीमा के भीतर ही संचालित हों और उन्हें ऐसे क्षेत्रों में संचालन की अनुमति न दी जाए जहां निजी परिवहन सेवाएं प्रभावित होती हों।
मंत्री ने इस संबंध में श्रीनगर स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए, जो नगर सीमा से बाहर रूट विस्तार के मुद्दे की जांच कर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।
परिवहन संचालन को सुव्यवस्थित करने और रूट संबंधी टकराव से बचने के लिए प्रतिनिधियों ने स्मार्ट सिटी बसों, जम्मू-कश्मीर आरटीसी बसों और निजी वाहनों के लिए समन्वित समय-सारणी लागू करने की मांग भी की।
बैठक में जम्मू-कश्मीर में बढ़ती ई-रिक्शा संख्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने ई-रिक्शा के नियंत्रित और सीमित पंजीकरण के लिए व्यापक नीति बनाने की मांग की। उन्होंने “एक व्यक्ति, एक पंजीकरण” सिद्धांत लागू करने तथा एक व्यक्ति के नाम पर कई पंजीकरण की अनुमति न देने की बात कही।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ग्रीन टैक्स बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में उठा, जिस पर संबंधित अधिकारियों द्वारा विस्तार से विचार करने का निर्णय लिया गया।
मंत्री सतीश शर्मा ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि सरकार सभी हितधारकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान पारदर्शी, व्यावहारिक और परामर्श आधारित दृष्टिकोण से करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक परिवहन, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में परिवहन क्षेत्र के योगदान को पूरी तरह मान्यता देती है। उन्होंने कहा कि आम जनता को सस्ती और प्रभावी परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय परिवहन संचालकों के हितों और आजीविका की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि बैठक में उठाई गई सभी मांगों और शिकायतों पर संबंधित विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और नियमों, व्यवहार्यता तथा जनहित के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विभिन्न परिवहन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी बसों और अन्य परिवहन सेवाओं से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।