सचिवों से बोले मोदी, सभी सुधारों के केन्द्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए : मोदी
नयी दिल्ली ,22 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां अपने आवास पर विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को पाने की दिशा में प्रगति की समीक्षा की और जोर देकर कहा कि सभी सुधारों के केन्द्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बैठक में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबंधित क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी सुधारों के केंद्र में नागरिकों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए सुधारों को असल रफ़्तार मिलनी चाहिए और उनसे सार्थक बदलाव आने चाहिए। उन्होंने कहा कि सुधारों का मकसद सिर्फ़ सरकार के कामकाज को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के सफ़र को तेज़ करना है। उन्होंने कहा कि शासन प्रणाली में तेज़ी से बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने बदलते माहौल की ज़रूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए शासन प्रक्रियाओं को अपनाने और मज़बूत करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में उभरती ज़रूरतों की व्यापक ‘मैपिंग’ करने का सुझाव दिया।
श्री मोदी ने देश के विकास लक्ष्यों को पाने के लिए ‘पूरी सरकार के मिलकर काम करने’ के नज़रिए की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ बनाने का सपना एक ‘जन आंदोलन’ बनना चाहिए और भारत के युवा इस विज़न की नींव बनने चाहिए।
प्रधानमंत्री ने युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की गंभीर समस्या से निपटने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि विभागों के बीच अलग-थलग रहकर काम करने की संस्कृति को खत्म करने और युवाओं पर केंद्रित पहलों में विभागों के बीच बेहतर तालमेल और एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत तंत्र विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
श्री मोदी ने खेलों के विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल पर्यटन के एक प्रमुख फोकस क्षेत्र के रूप में उभरने के साथ, भारत को खुद को एक वैश्विक खेल हब के रूप में स्थापित करने के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेज़बानी करने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने खेल क्षेत्र में स्टार्टअप के माध्यम से प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा पीएम कुसुम योजना जैसी पहलों को बड़े पैमाने पर अपनाने से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अवसरों और भविष्य की ज़रूरतों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए कौशल की ज़रूरतों की ग्लोबल मैपिंग की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न पहलों और चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने अपने सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना के लिए अपना विज़न साझा किया। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई, जिसमें प्रभावी कार्यान्वयन, बेहतर तालमेल और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में तेज़ी से प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।