श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय वैश्विक परिवर्तनों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है: उपराज्यपाल सिन्हा
श्रीनगर 19 अगस्त। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के 22वें स्थापना दिवस पर उद्घाटन भाषण दिया। इस अवसर पर बोलते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय आज जम्मू-कश्मीर के ज्ञान, नवाचार, प्रेरणा और सांस्.तिक गौरव का प्रतीक है, जिसे न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मान्यता और सम्मान प्राप्त है।
उपराज्यपाल ने कहा, “श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय वैश्विक परिवर्तनों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपनी इस यात्रा में, विश्वविद्यालय एक उत्.ष्ट संस्थान के रूप में विकसित हुआ है, जो बौद्धिक क्षमता का पोषण करता है और जीवन में बदलाव लाता है।“
उपराज्यपाल ने घोषणा की कि निम्न मध्यम स्तर और उससे नीचे के विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
“इस अनुमोदन के अनुसार, इस श्रेणी के सभी गैर-शिक्षण कर्मचारी, जो पहले 5 वर्ष की संविदा प्रणाली पर थे और जिनकी संविदा अवधि का लगातार नवीनीकरण होता रहा था, अब नियमित किए जाएँगे और संविदा प्रणाली को समाप्त किया जाता है।
यह निर्णय निष्पक्षता, प्रतिभा प्रतिधारण और व्यावसायिक विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह कदम श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय की नींव को मजबूत करेगा और कर्मचारियों को अपनी नौकरियों में स्थिरता की नई भावना प्रदान करेगा, जिससे वे और भी अधिक आत्मविश्वास और समर्पण के साथ विश्वविद्यालय के विकास में योगदान करने के लिए सशक्त होंगे।“
उपराज्यपाल ने श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय, कर्मचारियों और छात्रों को भी बहुत कम समय में देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाने के लिए बधाई दी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप, विश्वविद्यालय का एक बहु-विषयक संस्थान के रूप में रूपांतरण देखना प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन योर ओन डिग्री, बी.टेक-रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एमएससी डेटा साइंस जैसे कार्यक्रमों में नामांकन में वृद्धि भी प्रभावशाली है।
उपराज्यपाल ने संकाय सदस्यों से परिसर में कौशल-आधारित शिक्षण वातावरण विकसित करने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने कहा, “देश में नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, वास्तुकारों और कुशल पेशेवरों की अगली पीढ़ी तैयार करने की हमारी महती ज़िम्मेदारी है।“
उपराज्यपाल ने छात्रों को श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में अर्जित कौशल और ज्ञान को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए समर्पित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत का निर्माण और समाज की समृद्धि शिक्षा की उपयोगिता के मानदंड हैं। उन्होंने पूर्व छात्रों से समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने और विश्वविद्यालय को बेहतर बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।
उपराज्यपाल ने किश्तवाड़ और कठुआ में हाल ही में आई प्रा.तिक आपदाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों को भी श्रद्धांजलि दी।
संपूर्ण सरकारी .ष्टिकोण के साथ, राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने आगे कहा, “मैंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से भी बात की है और भारत सरकार प्रभावित परिवारों के यथाशीघ्र उचित पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।“
इस अवसर पर विधान सभा सदस्य बलदेव राज, अशोक भान और सुश्री गुंजन राणा- श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा शांतमनु, उपकुलपति श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय प्रो. प्रगति कुमार, सीईओ श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड सचिन कुमार वैश्य, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे।