लद्दाख के उपराज्यपाल ने and पांच नए जिलों के संचालन हेतु केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समिति को मंजूरी दी

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लेह, 11 मई (हि.स.)। पिछले महीने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में ऐतिहासिक रूप से पांच नए जिलों के गठन के बाद लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नवगठित जिलों के प्रभावी और कुशल संचालन से संबंधित उपायों की जांच और सिफारिश करने के लिए एक केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।

लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, उपराज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार समिति नए जिलों में प्रमुख जिला स्तरीय कार्यालयों की स्थापना और संचालन के लिए उपायों की सिफारिश करेगी और पांच जिलों के गठन से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रशासनिक, वित्तीय या रसद संबंधी मुद्दों की जांच करेगी। इस समिति का गठन उपराज्यपाल सक्सेना द्वारा 27 अप्रैल को लद्दाख में पांच नए जिलों की अधिसूचना को दी गई मंजूरी के बाद हुआ है। यह कदम चांगथांग, नुब्रा, शाम, जांस्कर और द्रास के नवगठित जिलों में जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने और कुशल प्रशासनिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

एक विज्ञप्ति के अनुसार समिति को नवगठित जिलों के संचालन हेतु उपायों की जांच और अनुशंसा करने का दायित्व सौंपा गया है जिसमें अधिसूचित क्षेत्रीय सीमाओं के अनुरूप उपखंडों, तहसीलों, नियाबतों, गिरदावर/कानूनगो सर्किलों और पटवार हलकों के अधिकार क्षेत्र का पुनर्गठन और युक्तिकरण शामिल है। इससे सुचारू प्रशासनिक परिवर्तन सुनिश्चित होगा और नवगठित जिलों में एक सुदृढ़ शासन ढांचा स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नए जिलों का निर्माण शासन के विकेंद्रीकरण और यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है कि प्रशासनिक सेवाएं जनता के घर-घर तक पहुंचें विशेषकर दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वालों तक। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इन जिलों का संचालन एक संरचित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि नए प्रशासनिक ढांचे के लाभ जनता तक प्रभावी और कुशल ढंग से पहुंच सकें। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन लद्दाख में एक उत्तरदायी, कुशल और जन-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उपराज्यपाल सक्सेना ने समिति को मौजूदा और नवगठित जिलों के बीच कर्मचारियों, अभिलेखों, संपत्तियों, बुनियादी ढांचे और अन्य संसाधनों के वितरण और पुनर्व्यवस्थापन की सिफारिश करने का भी निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त समिति नए जिलों के प्रभावी संचालन के लिए राजस्व, विकास और अन्य आवश्यक प्रशासनिक पदों सहित पदों के सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और उन्नयन की आवश्यकता का आकलन करेगी।

विज्ञप्ति में यह बताया गया है कि केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समिति की अध्यक्षता राजस्व विभाग के संभागीय आयुक्त/सचिव करेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव सदस्य-संयोजक होंगे जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव और लेह एवं कारगिल के उपायुक्त समिति के सदस्य होंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस कदम से प्रशासनिक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। सेवा वितरण तंत्र मजबूत होगा, शिकायतों का तेजी से निवारण होगा और लद्दाख के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में अधिक लक्षित विकासात्मक योजना सुनिश्चित होगी।

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