**यूटी लद्दाख के निवर्तमान मुख्य सचिव के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित** **एलजी कविंदर गुप्ता ने डॉ. कोटवाल की अनुकरणीय सेवा और प्रशासनिक दक्षता की सराहना की**
कारगिल, 23 दिसंबर: माननीय उपराज्यपाल लद्दाख, श्री कविंदर गुप्ता ने कारगिल में आयोजित एक विदाई समारोह में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के निवर्तमान मुख्य सचिव डॉ. पवन कोटवाल, आईएएस को उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से आयोजन लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) कारगिल, जिला प्रशासन कारगिल तथा जिला पुलिस कारगिल द्वारा किया गया।
विदाई रात्रिभोज डॉ. पवन कोटवाल, आईएएस को समर्पित एक विशेष श्रद्धांजलि था। लद्दाख प्रशासन के साथ उनका कार्यकाल 12 अप्रैल 2021 से प्रारंभ हुआ, जब उन्होंने प्रधान सचिव के रूप में कार्यभार संभाला और योजना, विकास एवं निगरानी; स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा; वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण; तथा राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और सक्रिय, सुधारोन्मुख रणनीतियों के परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक पहलें सफलतापूर्वक क्रियान्वित हुईं। आगे बढ़ते हुए, 9 जून 2023 को उन्होंने माननीय उपराज्यपाल के सलाहकार का महत्वपूर्ण दायित्व संभाला। एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, 12 फरवरी 2025 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा उपराज्यपाल के सलाहकार पद को पुनः नामित कर मुख्य सचिव, यूटी लद्दाख किया गया, और इस प्रकार डॉ. कोटवाल लद्दाख के पहले मुख्य सचिव नियुक्त हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए माननीय उपराज्यपाल ने डॉ. पवन कोटवाल की अनुकरणीय सेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और तीक्ष्ण प्रशासनिक दक्षता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों में समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाने में डॉ. कोटवाल की टीम भावना और समन्वयकारी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
श्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि डॉ. कोटवाल का कार्यकाल प्रभावी शासन, जनता के प्रति गहरी संवेदनशीलता और जन-केंद्रित प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक रहा, जिसने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज लद्दाख में दिखाई दे रही ठोस और प्रत्यक्ष प्रगति केंद्र सरकार, यूटी प्रशासन और जिला स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है।
एलएएचडीसी कारगिल के माननीय अध्यक्ष/मुख्य कार्यकारी पार्षद डॉ. मोहम्मद जाफर अखून ने डॉ. पवन कोटवाल को उनके सेवानिवृत्त होने पर बधाई दी और जम्मू-कश्मीर के समय से चली आ रही उनकी लंबी कार्य-संबंधी साझेदारी को याद किया। उन्होंने लेह और कारगिल के साथ समान व्यवहार, संरचनात्मक सुधारों तथा वर्ष 2024 में पाँच नए जिलों (द्रास, जांस्कर, शाम, नुब्रा और चांगथांग) के ऐतिहासिक गठन की सराहना करते हुए डॉ. कोटवाल की विरासत को “स्वर्णिम अध्याय” बताया।
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने स्वास्थ्य, राजस्व, योजना तथा पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण क्षेत्रों में डॉ. कोटवाल की आधारभूत और निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि लद्दाख के विकास में उनके योगदान को आने वाले दशकों तक याद रखा जाएगा।
अपने भावपूर्ण विदाई संबोधन में मुख्य सचिव डॉ. पवन कोटवाल ने इस स्मरणीय समारोह के आयोजन के लिए एलएएचडीसी कारगिल, जिला प्रशासन और जिला पुलिस कारगिल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यूटी प्रशासन के संस्थापक स्तंभों में से एक के रूप में उन्होंने लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद विकासात्मक गतिविधियों में आए अभूतपूर्व परिवर्तन पर अपने अनुभव साझा किए। विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज यूटी लद्दाख एक मजबूत और स्थिर स्थिति में है, जो प्रभावी और वास्तविक अर्थों में नागरिक-केंद्रित शासन प्रदान करने में सक्षम है।
डॉ. कोटवाल ने लेह और कारगिल दोनों जिलों के अधिकारियों की सक्रिय कार्यशैली की सराहना की और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लगभग पूर्ण होने को एक परिवर्तनकारी उपलब्धि बताया, जिससे नागरिकों को सटीक डिजिटल भूमि रिकॉर्ड तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। उन्होंने अधिवास कानून (डोमिसाइल लॉ) और 95 प्रतिशत आरक्षण नीति को ऐतिहासिक उपलब्धियाँ बताया, जो विशेष रूप से लद्दाख के युवाओं को सशक्त बनाती हैं।
अंत में भावुक स्वर में उन्होंने कहा कि लद्दाखी समाज के हर वर्ग से उन्हें जो असीम प्रेम और सम्मान मिला है, वह उनके जीवन की अमूल्य स्मृति के रूप में सदैव संजोया रहेगा।