मुख्य सचिव ने परिवहन क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तेजी लाने के लिए कहा

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श्रीनगर 07 अक्टूबर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें इसके समग्र कामकाज, आधुनिकीकरण पहलों और जम्मू-कश्मीर में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के उपायों का आकलन किया गया।
बैठक में परिवहन सचिव अवनी लवासा, परिवहन आयुक्त, प्रबंध निदेशक जेके आरटीसी, मोटर गैराज निदेशक, कश्मीर और जम्मू के आरटीओ समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने ड्राइवर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान जम्मू और निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र सांबा सहित प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और चालू करने पर जोर दिया और इन्हें केंद्र शासित प्रदेश में परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए अहम बताया।
उन्होंने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को मिशन मोड में कार्यान्वयन और समयबद्ध परियोजना पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जन सेवा वितरण और दक्षता में सुधार हो सके।
सड़क सुरक्षा को विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए मुख्य सचिव ने यातायात उल्लंघन रोकने और सड़क दुर्घटनाएं कम करने के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द करने तथा लगातार नियम तोड़ने वालों के वाहनों को जब्त करने जैसे प्रवर्तन उपायों की समीक्षा की।
सड़क दुर्घटनाओं, मृत्युओं और सड़क सुरक्षा कोष के तहत पीड़ितों को दी गई राहत की स्थिति के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस वितरण और लंबित मामलों के निपटारे की गति की भी समीक्षा की।
प्रस्तुति में बताया गया कि आईडीटीआर जम्मू में शैक्षणिक, हॉस्टल और कार्यशाला ब्लॉक तथा सभी छह अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रैक पूरे हो चुके हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने सभी ऑटोमेशन उपकरण स्थापित कर दिए हैं, और 14 जनवरी 2025 से ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि कुल परियोजना 30 अक्टूबर 2025 तक पूरी होने की संभावना है।
आईसीसी सांबा में सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य पूरे हो चुके हैं और आईसीएडी की निरीक्षण रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2025 तक आने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन उपकरण लगाने के लिए 92 स्थानों की पहचान कर चुका है और 10 नवंबर 2025 तक टेंडर जारी करने की योजना है।
वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत 10 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन कोष पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे करीब 3,500 सरकारी वाहनों का स्क्रैपिंग कर 170 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव ने झेलम नदी पर अंतर्देशीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू-49) को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में सख्त समयसीमा के पालन के निर्देश दिए।
विभाग 20-यात्री हाइब्रिड इलेक्ट्रिक क्रूज़/बोट चलाने के लिए पीपीपी मॉडल का प्रस्ताव लाने जा रहा है।
समीक्षा का समापन करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर में आधुनिक, सुरक्षित, कुशल और तकनीक-आधारित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के सरकार के केंद्र में हैं, जो बेहतर गतिशीलता, जन सुविधा और सड़क सुरक्षा प्रदान करेंगी।

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