मानसून सत्र: एनडीए मंत्रियों की बैठक में सरकार की प्राथमिकताओं पर मंथन, अहम विधेयकों को पारित कराने की रणनीति पर चर्चा**

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**नई दिल्ली, 17 जुलाई:** संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए।

 

सूत्रों के अनुसार बैठक में आगामी **20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र** के लिए सरकार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें जनता दल (यूनाइटेड) के ललन सिंह, राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी और तेलुगु देशम पार्टी के किंजारापु राम मोहन नायडू भी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी इसमें शामिल हुईं।

 

सूत्रों ने बताया कि बैठक में मानसून सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे पर विचार किया गया। सरकार की प्राथमिकता दो अध्यादेशों को संसद से पारित कर कानून का रूप देने की है।

 

सरकार आगामी मानसून सत्र में **आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026** पेश करने की तैयारी कर रही है, जो हाल ही में जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा। इस अध्यादेश के तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में निवेश से प्राप्त ब्याज और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी गई है।

 

यह अध्यादेश पिछले महीने पश्चिम एशिया संकट के कारण रुपये पर पड़े दबाव को कम करने तथा विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से जारी किया गया था। प्रस्तावित आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, इसी अध्यादेश का स्थान लेगा।

 

सूत्रों के अनुसार सरकार मानसून सत्र में **महिला आरक्षण विधेयक** के संशोधित प्रारूप के साथ **परिसीमन विधेयक** भी संसद में ला सकती है। एनडीए को विश्वास है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों के समर्थन से दोनों-तिहाई बहुमत हासिल किया जा सकता है।

 

बताया जा रहा है कि सरकार विभिन्न राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या में **50 प्रतिशत तक वृद्धि** करने के कई विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि दक्षिणी राज्यों की चिंताओं का समाधान किया जा सके। यह मसौदा महिला आरक्षण कानून से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के नए प्रारूप को लागू करने की दिशा में तैयार किया जा रहा है।

 

सरकार इस बात का भी ध्यान रख रही है कि जनसंख्या आधारित परिसीमन की स्थिति में दक्षिणी राज्यों की लोकसभा में राजनीतिक हिस्सेदारी कम न हो। उल्लेखनीय है कि महिला आरक्षण संबंधी पहला विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका था।

 

सूत्रों ने यह भी बताया कि **राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026** को पहले राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। इस संशोधन का उद्देश्य **’वंदे मातरम्’** को राष्ट्रगान **’जन गण मन’** के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।

 

20 जुलाई से शुरू होने वाला संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष सरकार को **नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक**, **पश्चिम एशिया संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत** तथा **पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण** जैसे विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है।

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