*मनमानी फीस वृद्धि करने वाले निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करें: सकीना इत्तू ने जेकेबोर्ड को दिए निर्देश**

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जम्मू, 30 मार्च: शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने आज जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं या अभिभावकों पर अनुचित आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।

मंत्री ने ये निर्देश सिविल सचिवालय में आयोजित एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए, जिसमें JKBOSE के प्रदर्शन, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और चल रहे शैक्षणिक सुधारों का आकलन किया गया।

बैठक में आयुक्त सचिव शिक्षा राम निवास शर्मा, चेयरमैन JKBOSE गुलाम हसन शेख, निदेशक स्कूल शिक्षा कश्मीर नसीर अहमद वानी सहित स्कूल शिक्षा विभाग और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने आगामी परीक्षाओं की तैयारियों, समय पर परिणाम घोषित करने, पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन और शिकायत निवारण तंत्र का मूल्यांकन किया। उन्होंने पारदर्शिता बढ़ाने और स्कूलों व बोर्ड के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित समाधान अपनाने पर जोर दिया।

JKBOSE की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को सख्त गुणवत्ता मानकों और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “JKBOSE को छात्र-केंद्रित व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जो निष्पक्षता, सुलभता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा दे।”

कुछ निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि को लेकर मिली शिकायतों पर चिंता जताते हुए मंत्री ने नियमित निगरानी और निरीक्षण के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जो नियमों का उल्लंघन करते हुए अभिभावकों पर अनुचित आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।”

मंत्री ने आयुक्त सचिव को निर्देश दिया कि स्कूल शिक्षा विभाग और JKBOSE के अधिकारियों की संयुक्त समितियां गठित की जाएं, जो जम्मू-कश्मीर भर में, सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों सहित, निजी स्कूलों की नियमित जांच और निगरानी करें।

उन्होंने कहा, “स्कूलों को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। छात्रों या अभिभावकों का किसी भी तरह से शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना जनविश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है।

मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों और नियामक संस्थाओं के बीच समन्वय मजबूत करने तथा प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया, ताकि शिक्षा व्यवस्था में कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।

उन्होंने JKBOSE अधिकारियों को समर जोन के 10वीं कक्षा के परिणाम समय पर घोषित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विभिन्न सुधारात्मक पहल शुरू करने के लिए चेयरमैन JKBOSE की सराहना की।

सरकार की समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री ने सभी हितधारकों से मिलकर एक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-अनुकूल शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान JKBOSE चेयरमैन गुलाम हसन शेख ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक विकास, फाउंडेशन स्टेज (ECCE), व्यावसायिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, परीक्षा सुधार, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग और आईटी हस्तक्षेप जैसे कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर कृषि, परिधान, ऑटोमोबाइल, ब्यूटी एंड वेलनेस, आईटी/आईटीईएस, रिटेल, खेल, पर्यटन एवं आतिथ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक विषयों को शामिल किया गया है।

‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के तहत 89 में से 71 पाठ्यपुस्तकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया गया है। इसके अलावा, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं में विशेष सुविधाएं जैसे लेखक (scribe), सांकेतिक भाषा दुभाषिया, कंप्यूटर सुविधा, अतिरिक्त समय और शुल्क में छूट भी प्रदान की जा रही है।

चेयरमैन ने बताया कि JKBOSE में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और डिजीलॉकर के साथ छात्र रिकॉर्ड का एकीकरण किया गया है। वर्ष 2025-26 में लगभग 9 लाख छात्रों ने बोर्ड की सेवाओं का लाभ उठाया, जबकि 51.65 लाख छात्र रिकॉर्ड डिजीलॉकर पर उपलब्ध हैं।

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